लखनऊ | 31 जुलाई, 2026: उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार, विनिर्माण और निर्यात का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस आयोजन का देश और विदेश में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक निवेशक, खरीदार और उद्योग जगत के प्रतिनिधि इसमें शामिल हों।
प्रदेश सरकार के अनुसार यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 का चौथा संस्करण 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष ट्रेड शो की थीम “UP for Global Growth: Innovation, Manufacturing and Exports” रखी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन संस्करणों में यह आयोजन उत्तर प्रदेश के उत्पादों, उद्यमों और उद्योगों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बना है। उन्होंने कहा कि अब यह केवल एक व्यापार प्रदर्शनी नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ के विजन को आगे बढ़ाने वाला वैश्विक मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश असीम संभावनाओं वाला प्रदेश है और ट्रेड शो इन संभावनाओं को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का सशक्त माध्यम बनेगा।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस बार ट्रेड शो में 2,400 से अधिक प्रदर्शकों, 1.50 लाख से अधिक बी2बी (बिजनेस-टू-बिजनेस) खरीदारों, 4.50 लाख से अधिक बी2सी (बिजनेस-टू-कंज्यूमर) आगंतुकों तथा 85 देशों से 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की सहभागिता का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अलावा 4,000 से अधिक एमओयू, 3,200 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावित समझौते तथा 13,500 करोड़ रुपये से अधिक की व्यावसायिक पूछताछ (बिजनेस इंक्वायरी) होने का अनुमान है।
मुख्यमंत्री ने सिंगापुर, ओमान, ऑस्ट्रिया, ब्राजील, थाईलैंड, जापान, इंडोनेशिया और रूस सहित अन्य देशों के साथ सक्रिय संवाद स्थापित कर उनकी अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने बताया कि ट्रेड शो में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी), वन डिस्ट्रिक्ट वन क्राफ्ट (ओडीओसी), एमएसएमई, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी, रक्षा एवं एयरोस्पेस, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, पर्यटन एवं फिल्म, अक्षय ऊर्जा, ऑटो एवं इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मा एवं स्वास्थ्य, कौशल विकास, नागरिक उड्डयन, वित्तीय सेवाएं, स्टार्टअप, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग, हस्तशिल्प, खादी, वस्त्र, चमड़ा और फर्नीचर समेत अनेक प्रमुख क्षेत्रों का प्रदर्शन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ट्रेड शो के दौरान आयोजित नॉलेज सेशन उद्योग जगत और निवेशकों के लिए उपयोगी बनाए जाएं। इनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर अपराध, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, बैंकिंग एवं वित्त, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, नई श्रम संहिताएं, खाद्य प्रसंस्करण नीति, सड़क सुरक्षा, ई-कॉमर्स, वैश्विक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) और एमएसएमई जैसे समकालीन विषयों पर विशेषज्ञ चर्चा आयोजित की जाए।
उन्होंने कहा कि व्यापारिक गतिविधियों के साथ उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत भी इस आयोजन की प्रमुख पहचान होनी चाहिए। इसके लिए सभी पांच दिनों में शास्त्रीय संगीत, कथक, लोकनृत्य, लोकगायन, भजन, गजल और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया जाएगा, ताकि देश-विदेश से आने वाले अतिथि प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता का भी अनुभव कर सकें।
बैठक में बताया गया कि अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को जोड़ने के लिए विदेशों में भारतीय मिशनों के साथ समन्वय किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने ट्रेड शो के दौरान उद्यमी मित्रों की तैनाती सुनिश्चित करने तथा विश्वविद्यालयों एवं अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों और युवाओं की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आगंतुकों और निवेशकों को बेहतर सहयोग मिल सके।
बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्ध नगर ने सुरक्षा, ट्रैफिक, पार्किंग और वीआईपी आवागमन की तैयारियों की जानकारी दी, जबकि ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने आयोजन स्थल पर विकसित की जा रही आधारभूत सुविधाओं की प्रगति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने आगंतुकों की सुविधा के लिए आयोजन के दौरान ईवी बसों के संचालन के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 केवल एक व्यापारिक आयोजन नहीं, बल्कि विकसित उत्तर प्रदेश और एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।