लखनऊ | 31 जुलाई, 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों के मेधावी बच्चों को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए इसके दायरे का विस्तार किया जाए।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के संचालक मंडल की 172वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3,025.49 करोड़ रुपये के बजट सहित किसान कल्याण, कृषि विपणन और मंडी व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की मंडियों का आधुनिकीकरण और पुनरोद्धार करने पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि मंडियों में किसानों को बेहतर, पारदर्शी और सुविधाजनक विपणन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने मंडी परिसरों में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत कृषि उपज प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा देने तथा निवेशकों के लिए नियमों को अधिक व्यावहारिक और अनुकूल बनाने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा, मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
योगी आदित्यनाथ ने अधिक से अधिक मंडियों को ई-नाम (राष्ट्रीय कृषि बाजार) प्लेटफॉर्म से जोड़ने, किसानों को राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन से जोड़ने तथा प्रत्येक जनपद में जैविक उत्पादों के प्रमाणन (ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन) की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के संशोधित आय-व्यय अनुमान और वर्ष 2026-27 के बजट को भी मंजूरी दी गई। वर्ष 2026-27 के लिए 2,228.59 करोड़ रुपये की अनुमानित प्राप्तियों तथा 3,025.49 करोड़ रुपये के व्यय प्रावधान को स्वीकृति दी गई।
बैठक में यह भी बताया गया कि प्रदेश की मंडी समितियों की आय वर्ष 2024-25 के 1,991.33 करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 2,305.80 करोड़ रुपये हो गई है। इस प्रकार मंडी समितियों की आय में 15.79 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
बजट में मंडी स्थलों के निर्माण एवं विस्तार, संपर्क मार्गों के निर्माण और मरम्मत, ग्रामीण हाट, किसान बाजार, गोवंश आश्रय स्थलों, छात्रावास निर्माण, मंडी समितियों के लिए भूमि क्रय तथा अन्य विकास कार्यों के लिए पर्याप्त धनराशि का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा पूर्व से स्वीकृत निर्माण कार्यों को गति देने के लिए 1,212.02 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है।
संचालक मंडल ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना तथा मुख्यमंत्री खेत-खलिहान अग्निकांड दुर्घटना सहायता योजना की अवधि 1 जुलाई 2025 से 30 जून 2030 तक बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की। इन दोनों योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, ताकि दुर्घटना या खेत-खलिहान में आग लगने जैसी परिस्थितियों में किसानों एवं उनके परिवारों को समयबद्ध आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।