लखनऊ | 31 जुलाई, 2026: पहले सीजन की शानदार सफलता के बाद यूपी प्रो हैंडबॉल लीग (UPPHL) के दूसरे संस्करण का शुक्रवार को आधिकारिक आगाज़ हो गया। उत्तर प्रदेश हैंडबॉल एसोसिएशन के तत्वावधान में एसएन पाण्डेय खेल संस्थान ट्रस्ट द्वारा आयोजित लीग का दूसरा सीजन जनवरी 2027 में लखनऊ में खेला जाएगा। इस अवसर पर लीग के नए लोगो का अनावरण किया गया और आगामी सत्र की रूपरेखा भी जारी की गई।
इस बार लीग का दायरा बढ़ाते हुए टीमों की संख्या छह से बढ़ाकर आठ कर दी गई है। पहली बार लखनऊ और कन्नौज की टीमें भी प्रतियोगिता का हिस्सा होंगी। विजेता टीम को 2.50 लाख रुपये तथा उपविजेता को 1.50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इसके अलावा आइकॉनिक ओलंपिक गेम्स अकादमी की ओर से विजेता और उपविजेता दोनों टीमों को 50-50 हजार रुपये का अतिरिक्त पुरस्कार दिया जाएगा। इस तरह विजेता टीम को कुल 3 लाख रुपये और उपविजेता को 2 लाख रुपये तक की पुरस्कार राशि मिलेगी।

समारोह के मुख्य अतिथि एवं एशियन हैंडबॉल फेडरेशन के काउंसिल मेंबर, हैंडबॉल एसोसिएशन इंडिया के कार्यकारी निदेशक तथा यूपी प्रो हैंडबॉल लीग के सीईओ डॉ. आनन्देश्वर पाण्डेय ने लीग का लोगो लॉन्च किया। इस दौरान उन्होंने भारत के विभिन्न राज्यों और भारतीय रेलवे के 10 अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया।
अपने संबोधन में डॉ. पाण्डेय ने कहा कि पहले सीजन को खिलाड़ियों, टीमों और खेल प्रेमियों से मिले उत्साहजनक समर्थन ने दूसरे संस्करण को और अधिक भव्य एवं प्रतिस्पर्धी स्वरूप में आयोजित करने का विश्वास दिया है। उन्होंने कहा कि लीग का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में हैंडबॉल का मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का मंच उपलब्ध कराना है। उन्होंने भरोसा जताया कि पारदर्शी चयन प्रक्रिया के माध्यम से प्रदेश और देशभर की प्रतिभाओं को समान अवसर मिलेगा।
लीग के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक अमित पाण्डेय ने बताया कि प्रत्येक टीम में 18 खिलाड़ी होंगे, जिनमें 9 खिलाड़ी उत्तर प्रदेश से और 9 खिलाड़ी अन्य राज्यों एवं विभागों से शामिल किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पहले सीजन की विजेता मथुरा ब्रज स्टार, उपविजेता गोरखपुर राउडीज़, काशी किंग्स, नोएडा थंडर्स, गाजियाबाद पैंथर्स और बर्बरीक वारियर्स के अलावा इस बार लखनऊ और कन्नौज की नई टीमें भी लीग में उतरेंगी। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में यूपी प्रो हैंडबॉल लीग को देश की अग्रणी हैंडबॉल लीग के रूप में स्थापित करना लक्ष्य है।
अमित पाण्डेय ने नए लोगो की विशेषताओं की जानकारी देते हुए बताया कि इसके केंद्र में बनी शील्ड (ढाल) सुरक्षा, शक्ति और प्रतिस्पर्धा की भावना का प्रतीक है, जबकि खिलाड़ी की गतिशील आकृति खेल की ऊर्जा, कौशल और उत्साह को दर्शाती है। लोगो में इस्तेमाल किए गए केसरिया, सफेद और हरे रंग भारतीय तिरंगे से प्रेरित हैं, जो राष्ट्रीय गौरव और उत्तर प्रदेश की खेल संस्कृति को प्रदर्शित करते हैं।
लीग के सह-संस्थापक मोहम्मद तौहीद ने बताया कि खिलाड़ियों का पंजीकरण 15 अगस्त 2026 से शुरू होगा। इसके बाद सितंबर और अक्टूबर में गोरखपुर, अयोध्या और लखनऊ में चयन ट्रायल आयोजित किए जाएंगे। चयनित खिलाड़ियों की नीलामी दिसंबर 2026 में वाराणसी में होगी। प्रत्येक टीम को खिलाड़ियों की नीलामी के लिए 5 लाख रुपये का पर्स दिया जाएगा, जबकि कुल ऑक्शन पर्स 40 लाख रुपये होगा। लीग में सभी आठ टीमें राउंड-रॉबिन प्रारूप में मुकाबले खेलेंगी, जिसके बाद शीर्ष चार टीमें प्लेऑफ में पहुंचेंगी और फाइनलिस्ट तय होंगे।
इस अवसर पर आइकॉनिक ओलंपिक गेम्स अकादमी के प्रबंध निदेशक एवं उत्तर प्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष डॉ. सैयद रफत जुबैर रिजवी ने विजेता और उपविजेता टीमों को अपनी ओर से 50-50 हजार रुपये का अतिरिक्त नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। कार्यक्रम में हैंडबॉल एसोसिएशन इंडिया के कोषाध्यक्ष विनय कुमार सिंह, लीग सचिव यशवीर सिंह, उपाध्यक्ष चयंक प्रधान, प्रखर शुक्ला सहित कई खेल प्रशासक और गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।