ईरान रुख बदले तो युद्ध खत्म करने को तैयार: भारत में इजराइल के राजदूत रूवेन अजार

नई दिल्ली, 16 मार्च। भारत में इजराइल के राजदूत रूवेन अजार ने सोमवार को कहा कि यदि ईरान अपना रुख बदलता है तो इजराइल युद्ध समाप्त करने के लिए तैयार है।

नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में अजार ने कहा कि पश्चिम एशिया में ईरान तथा अमेरिका और इजराइल के बीच जारी संघर्ष के बीच पिछले कुछ दिनों में इजराइल ने अपने साझेदार देशों के साथ कूटनीतिक माध्यमों से बातचीत की है।

युद्ध के 17वें दिन इजराइल की सैन्य योजनाओं के बारे में पूछे जाने पर अजार ने कहा कि फिलहाल पूर्ण पैमाने पर जमीनी आक्रमण की संभावना नहीं दिखती। उन्होंने दावा किया कि सैन्य कार्रवाई के जरिए इजराइल ने ईरान की मिसाइल दागने की क्षमता को काफी हद तक कमजोर कर दिया है।

अजार ने कहा, “हम अब भी मिसाइल लॉन्चरों और ईरान की शेष सैन्य क्षमताओं की तलाश कर रहे हैं। इस समय हम ईरान के हवाई क्षेत्र पर नियंत्रण की स्थिति में हैं और ईरान बेहद मुश्किल हालात में है।”

पश्चिम एशिया में मौजूदा संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी, जब अमेरिका और इजराइल के गठबंधन ने ईरान पर हवाई हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया और दबाव बनाने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को अवरुद्ध कर दिया।

इजराइली राजदूत ने कहा कि इस अभियान के उद्देश्यों में कोई बदलाव नहीं आया है और इजराइल को उम्मीद है कि ईरान में शासन में परिवर्तन हो सकता है। उन्होंने कहा कि यदि ईरान इजराइल को मान्यता देता है और कूटनीतिक संवाद में शामिल होता है तो क्षेत्र का भविष्य उज्ज्वल हो सकता है।

कूटनीति के सवाल पर अजार ने कहा कि इजराइल हमेशा कूटनीतिक समाधान के पक्ष में रहा है, लेकिन अब तक के सभी प्रयास विफल रहे, जिसके कारण सैन्य कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि मौजूदा सैन्य कार्रवाई के बाद कूटनीति फिर से प्रासंगिक होगी।

उन्होंने कहा, “अगर ईरान अपना रुख बदलता है तो हम शत्रुता समाप्त करने के लिए तैयार हैं।”

संघर्ष के लंबे समय तक चलने की आशंका पर अजार ने कहा कि इजराइल के पास पर्याप्त संसाधन और क्षमता है और वह जरूरत पड़ने पर सभी विकल्प समाप्त होने तक इस अभियान को जारी रख सकता है।

इस युद्ध का असर वैश्विक विमानन सेवाओं और अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी पड़ा है और इससे गंभीर ऊर्जा संकट की आशंका पैदा हो गई है। अजार ने दावा किया कि अमेरिका और इजराइल ने ईरान की नौसेना, वायु सेना और सैन्य उत्पादन क्षमताओं के बड़े हिस्से को काफी नुकसान पहुंचाया है।

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