लखनऊ | 31 जुलाई, 2026: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में शुक्रवार को लखनऊ विश्वविद्यालय का 69वां दीक्षोत्सव आयोजित किया गया। समारोह में 1,25,285 विद्यार्थियों को विभिन्न संकायों की उपाधियां प्रदान की गईं, जबकि उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले 111 मेधावी विद्यार्थियों को कुल 204 पदकों से सम्मानित किया गया।
दीक्षोत्सव में उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में 57,166 छात्र और 68,119 छात्राएं शामिल रहीं। वहीं पदक विजेताओं में 81 छात्राएं और 30 छात्र रहे, जो शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों की बढ़ती भागीदारी और उत्कृष्ट प्रदर्शन को दर्शाता है।
समारोह को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने उपाधि और पदक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “दीक्षा का अर्थ सीखने की शुरुआत है। आज आपकी औपचारिक शिक्षा पूरी हुई है, लेकिन असली शिक्षा अब शुरू होगी। डिग्री आपके हाथ में है और देश की जिम्मेदारी आपके कंधों पर है।”
उन्होंने कहा कि पदक प्राप्त करने वालों में लगभग 75 प्रतिशत बेटियां हैं, जो बदलते भारत और विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि विद्या सबसे बड़ा धन है और विद्यार्थी अब उसके संवाहक बनकर समाज और राष्ट्र की सेवा करेंगे।
रजनी तिवारी ने कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में से एक है, इसलिए यहां से निकलने वाले विद्यार्थियों से समाज और राष्ट्र की अपेक्षाएं भी अधिक हैं। उन्होंने युवाओं से तकनीक का सकारात्मक उपयोग करने, भटकाव और प्रलोभनों से दूर रहकर अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने का आह्वान किया।
उन्होंने विद्यार्थियों से बुजुर्गों और महिलाओं के सम्मान, पर्यावरण संरक्षण, जल और मिट्टी के संवर्धन के प्रति संवेदनशील रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और यदि युवा कौशल, नवाचार तथा परिश्रम को अपना आधार बनाए रखें तो विकसित भारत-2047 का लक्ष्य निश्चित रूप से हासिल किया जा सकता है।
राज्य मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की है। कई विश्वविद्यालयों को एनएएसी (NAAC) में ए ग्रेड, क्यूएस एशिया और क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में स्थान मिला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा में केवल संस्थानों की संख्या बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर भी समान रूप से कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि शिक्षकों के कल्याण के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना लागू की है, जिसके तहत पात्र शिक्षकों को 5 लाख रुपये तक के उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
दीक्षोत्सव में उपाधि और पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समारोह में विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, शोधार्थी, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।