लखनऊ, 22 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 16 से 22 जुलाई तक आयोजित ‘भूजल सप्ताह-2026’ का राज्य स्तरीय समापन समारोह बुधवार को गोमतीनगर स्थित भागीदारी भवन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने की। इस वर्ष अभियान का मुख्य संदेश “जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प” रखा गया।
समारोह का शुभारंभ सरस्वती वंदना, दीप प्रज्ज्वलन और जल कलश पूजन के साथ हुआ। भूगर्भ जल विभाग के निदेशक डॉ. राजेश कुमार प्रजापति ने सप्ताहभर चली गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भी जल संरक्षण का संदेश दिया गया।

अपने संबोधन में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि भूजल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि जल संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं और “जहाँ गिरे, जब गिरे, वर्षा जल तभी संचित करें” के संदेश को व्यवहार में अपनाएं।
मंत्री ने बताया कि 2021 से 2025 के विश्लेषण के अनुसार उत्तर प्रदेश के 29 जिलों में औसत भूजल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि यह वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण संरचनाओं, विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों और जनभागीदारी का सकारात्मक परिणाम है।
जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक राजशेखर ने कहा कि प्रदेश की लगभग 90 प्रतिशत घरेलू जल आवश्यकता, 85 प्रतिशत औद्योगिक जरूरत और 83 प्रतिशत सिंचाई भूजल पर निर्भर है। ऐसे में बदलते जलवायु परिदृश्य में जल संसाधनों के विकास के साथ-साथ उनके संरक्षण और प्रभावी प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
भूजल सप्ताह के दौरान प्रदेशभर में जल चौपाल, प्रभात फेरी, जागरूकता रैली, वृक्षारोपण, वर्षा जल संचयन अभियान, कार्यशालाएं, निबंध, चित्रकला, वाद-विवाद और प्रश्नोत्तरी जैसी गतिविधियों का आयोजन किया गया। 19 जुलाई को प्रमुख शहरों में “एक घंटा-एक साथ” अभियान के तहत जल स्रोतों की सफाई की गई, जबकि 20 जुलाई को लखनऊ में “भूजल संरक्षण तथा गंगा पुनरोद्धार” विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई।
समारोह में भूजल संरक्षण अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनपदों, संस्थाओं और प्रतिभागियों को सराहा गया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और नागरिकों ने जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने और भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।