लखनऊ, 15 मई 2026। उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में शुक्रवार को पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता को लेकर अनोखी पहल देखने को मिली। जिले की सभी 899 ग्राम पंचायतों में एक साथ ग्रीन चौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, हरित परिवहन को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रस्ताव पारित किए गए।
सुबह 9 बजे से 10 बजे तक चले इस विशेष अभियान में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान ईंधन और ऊर्जा बचत, स्वच्छता अभियान तथा पर्यावरण संरक्षण को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।
जिलाधिकारी ईशा प्रिया के निर्देशन में आयोजित इस अभियान में ग्राम प्रधानों ने सक्रिय भूमिका निभाई। सभी पंचायतों में एक ही समय पर आयोजित ग्रीन चौपाल में सार्वजनिक परिवहन, सामूहिक वाहन उपयोग, विद्युत चालित वाहनों को बढ़ावा देने और हरित परिवहन व्यवस्था अपनाने का सामूहिक प्रण लिया गया।
कार्यक्रम के दौरान पौधरोपण, जल संरक्षण, गोसंरक्षण, स्वच्छता, जैविक खेती, सौर ऊर्जा, पराली न जलाने तथा कचरा प्रबंधन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। मानसून को ध्यान में रखते हुए 30 जून तक पौधरोपण की पूर्व तैयारियां पूरी करने की कार्ययोजना भी बनाई गई।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस आयोजन के माध्यम से जनपद ने दो महत्वपूर्ण कीर्तिमान स्थापित किए हैं। पहला, सबसे अधिक ग्राम पंचायतों में एक साथ एक समय पर कार्यक्रम आयोजित करना और दूसरा, कम समय में इतने बड़े स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाना।
ग्रीन चौपालों में आगामी पौधरोपण महोत्सव के दौरान प्रत्येक परिवार द्वारा कम से कम पांच पौधे लगाने और उनकी देखभाल सुनिश्चित करने का भी संकल्प लिया गया।
प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि योगी सरकार के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन का यह अभिनव प्रयास पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के आह्वान पर ग्रामीण क्षेत्रों तक ऊर्जा बचत और हरित परिवहन का संदेश पहुंचाना अत्यंत सराहनीय कदम है। मंत्री ने लोगों से अपील की कि प्रत्येक नागरिक व्यक्तिगत स्तर पर पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने का संकल्प ले और आवश्यकता के अनुसार ही वाहनों का उपयोग करे।
