कोलकाता, 15 मई 2026। पश्चिम बंगाल सरकार ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में जूनियर महिला चिकित्सक के साथ हुए बलात्कार और हत्या प्रकरण की प्रारंभिक जांच में कथित लापरवाही बरतने के आरोप में तीन वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को राज्य सचिवालय में इस कार्रवाई की घोषणा की। निलंबित अधिकारियों में कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त विनीत गोयल, पूर्व पुलिस उपायुक्त इंदिरा मुखर्जी और अभिषेक गुप्ता शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन अधिकारियों पर मामले को लापरवाहीपूर्ण तरीके से संभालने, पीड़िता के परिजनों को धन की पेशकश करने तथा अगस्त 2024 में हुई इस जघन्य घटना को लेकर अनधिकृत संवाददाता सम्मेलन करने के आरोप हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा की जा रही मूल जांच में किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं कर रही है। विभागीय कार्रवाई और अनुशासनात्मक जांच का संचालन राज्य के गृह सचिव मुख्य सचिव के मार्गदर्शन में करेंगे।
गौरतलब है कि 9 अगस्त 2024 को कोलकाता स्थित आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सेमिनार कक्ष में एक जूनियर महिला चिकित्सक मृत पाई गई थीं। इस मामले में 33 वर्षीय नागरिक स्वयंसेवक संजय रॉय को बलात्कार और हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
बाद में 20 जनवरी 2025 को निचली अदालत ने संजय रॉय को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हालांकि पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि इस अपराध में संजय रॉय अकेला शामिल नहीं था।
