वीबी-जी-राम-जी योजना से गांवों के विकास को मिलेगी नई रफ्तार, यूपी को मिले ₹3,210.76 करोड़: केशव मौर्य

लखनऊ, 5 जुलाई 2026। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि वीबी-जी-राम-जी योजना के तहत उत्तर प्रदेश को मिली 3,210.76 करोड़ रुपये की पहली किस्त से गांवों के समग्र विकास, रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रदेश के प्रत्येक गांव को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

रविवार को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित ऑनलाइन बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य शामिल हुए। बैठक में विभिन्न राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ उत्तर प्रदेश से ग्राम्य विकास आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी, उपायुक्त मनरेगा नागेंद्र मोहन त्रिपाठी और अन्य अधिकारी भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

देश में सबसे अधिक आवंटन उत्तर प्रदेश को, ग्रामीण रोजगार और आधारभूत ढांचे पर रहेगा फोकस

बैठक में वीबी-जी-राम-जी योजना के तहत वित्तीय वर्ष की पहली किस्त के रूप में सभी राज्यों के लिए 25,869.06 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की गई, जिसमें उत्तर प्रदेश को सर्वाधिक 3,210.76 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इस पर उपमुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह राशि ग्रामीण विकास कार्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

बैठक में केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि योजना के माध्यम से ग्रामीण गरीबों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराया जाए तथा प्रत्येक पात्र परिवार को कम से कम 125 दिनों के रोजगार की गारंटी सुनिश्चित की जाए। श्रमिकों को न्यूनतम 300 रुपये प्रतिदिन मजदूरी देने और समयबद्ध भुगतान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया। साथ ही योजना के क्रियान्वयन में आधुनिक तकनीक और डिजिटल निगरानी प्रणाली के व्यापक उपयोग के निर्देश दिए गए।

बैठक के बाद केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लाभार्थियों के खातों की मैपिंग शीघ्र पूरी की जाए, भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाई जाए तथा श्रमांश, सामग्री मद और प्रशासनिक व्यय के लिए अलग-अलग बैंक खाते खोले जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उपमुख्यमंत्री ने जीआईएस आधारित तकनीक, पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म और अन्य डिजिटल प्रणालियों के अधिकतम उपयोग पर बल देते हुए कहा कि योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचना चाहिए। उन्होंने एकल महिलाओं, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों, ट्रांसजेंडर समुदाय तथा अन्य कमजोर वर्गों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि ग्राम और पंचायतों का समग्र विकास तभी संभव है जब सभी अधिकारी जवाबदेही और निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आधारभूत सुविधाओं और सतत विकास को नई मजबूती मिलेगी।

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