जिलाध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी ने बताया कि यह जनजागरण अभियान चरणबद्ध तरीके से जिले की सभी तहसीलों और ब्लॉक मुख्यालयों तक चलाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर ग्रेट निकोबार के पर्यावरण और वहां रहने वाले आदिवासी समुदायों के संरक्षण के पक्ष में जनसमर्थन जुटाना है। उन्होंने कहा कि 15 जून तक व्यापक स्तर पर हस्ताक्षर एकत्र किए जाएंगे।
चौधरी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष करती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विकास परियोजनाओं के नाम पर देश की प्राकृतिक धरोहर और पर्यावरणीय संतुलन को नुकसान पहुंचाने वाली नीतियां अपना रही है। उनका कहना था कि जैव विविधता से समृद्ध ग्रेट निकोबार क्षेत्र में प्रस्तावित परियोजनाओं से वहां के जंगलों और आदिम जनजातियों के अस्तित्व पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी वृजेश आर्य, डॉ. वाहिद अली सिद्दीकी, नर्वदेश्वर शुक्ल, गिरजेश पाल और श्रवण पांडेय ने भी केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने महंगाई, घरेलू गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आम जनता आर्थिक दबाव झेल रही है, जबकि सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान भटका रही है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि ग्रेट निकोबार की प्राकृतिक संपदा को निजी हितों के लिए उपयोग में लाने की कोशिश की जा रही है, जिसका पर्यावरण और स्थानीय समुदायों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जल, जंगल, जमीन और आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी और इस विषय को जन-जन तक पहुंचाने का काम करेगी।
अभियान के दौरान अमर बहादुर शुक्ल, राहुल चौधरी, फजले आजम, दूधनाथ पटेल, राकेश पांडेय, अनूप पाठक, मोहम्मद अशरफ अली, दिलीप श्रीवास्तव, सुनील पांडेय सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
