अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं से सजेगा बरेली स्पोर्ट्स स्टेडियम, बनेगा खेल क्रांति का नया केंद्र

सिंथेटिक हॉकी टर्फ, आधुनिक स्विमिंग पूल, बैडमिंटन हॉल और रनिंग ट्रैक समेत विश्वस्तरीय सुविधाएं होंगी विकसित

बरेली, 25 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बरेली स्पोर्ट्स स्टेडियम का व्यापक कायाकल्प किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर स्टेडियम को आधुनिक खेल अवसंरचना से लैस कर विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य बरेली और पूरे रुहेलखंड क्षेत्र के खिलाड़ियों को अपने जिले में ही उच्चस्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।

राज्य सरकार की योजना के तहत स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सिंथेटिक हॉकी टर्फ, आधुनिक स्विमिंग पूल, अत्याधुनिक बैडमिंटन हॉल, उन्नत फुटबॉल मैदान और सिंथेटिक रनिंग ट्रैक विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा खिलाड़ियों के लिए आधुनिक जिम, फिटनेस सेंटर, ड्रेसिंग रूम, मेडिकल रूम, प्लेयर्स लाउंज, फ्लड लाइट, दर्शक दीर्घा, स्वच्छ शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा।

हॉकी को मिलेगा नया जीवन

बरेली कभी हॉकी खिलाड़ियों की मजबूत नर्सरी माना जाता था, लेकिन सिंथेटिक टर्फ की कमी के कारण खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर के सिंथेटिक हॉकी टर्फ के निर्माण से स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर अभ्यास का अवसर मिलेगा और राष्ट्रीय टीम तथा पेशेवर लीगों में चयन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

स्विमिंग और बैडमिंटन को भी मिलेगा बढ़ावा

स्टेडियम के पुराने स्विमिंग पूल का अत्याधुनिक तकनीक और आधुनिक जल शोधन प्रणाली के साथ पुनर्निर्माण किया जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद बरेली में राज्य और राष्ट्रीय स्तर की तैराकी प्रतियोगिताओं के आयोजन का रास्ता भी खुलेगा।

वहीं बैडमिंटन हॉल में अंतरराष्ट्रीय मानकों के सिंथेटिक कोर्ट, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था और खिलाड़ियों व दर्शकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का वातावरण मिलेगा।

फुटबॉल और एथलेटिक्स के लिए आधुनिक सुविधाएं

फुटबॉल मैदान को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप समतल किया जा रहा है। मैदान में उच्च गुणवत्ता वाली प्राकृतिक घास और आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा ताकि वर्षभर अभ्यास और प्रतियोगिताएं सुचारू रूप से आयोजित हो सकें।

इसके साथ ही एथलेटिक्स खिलाड़ियों के लिए सिंथेटिक रनिंग ट्रैक तैयार किया जाएगा, जिससे उन्हें बेहतर ग्रिप और सुरक्षित अभ्यास का वातावरण मिलेगा।

स्थानीय खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा लाभ

आधुनिक खेल सुविधाओं के विकसित होने से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए दूसरे शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलने से प्रदेश के खिलाड़ियों का प्रदर्शन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर होगा।

खेल के साथ रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा

स्टेडियम के उन्नयन से भविष्य में राष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजन, प्रशिक्षण शिविर और खेल अकादमियों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग, परिवहन और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा तथा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

प्रदेश सरकार का मानना है कि यह परियोजना ‘खेलेगा यूपी, बढ़ेगा यूपी’, ‘एक जिला-एक खेल (ODOS)’ और मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय जैसी पहलों को मजबूती प्रदान करेगी। सरकार की पदक विजेताओं को प्रोत्साहन राशि और खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में अवसर देने की नीति के साथ यह परियोजना उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख खेल राज्यों में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Share this newsWhatsAppFacebookX

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *