लखनऊ, 25 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश में संचारी रोगों की रोकथाम और प्रभावी नियंत्रण के लिए योगी सरकार द्वारा चलाए जा रहे संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शनिवार को अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित कुमार घोष की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अभियान की प्रगति, विभिन्न विभागों की गतिविधियों तथा जनपदों में संचारी रोगों की रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों का विस्तृत आकलन किया गया।
अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अभियान को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में स्वच्छता, जलभराव की रोकथाम, नालियों की नियमित सफाई, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता और मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि अभियान के दौरान किए जा रहे कार्यों की नियमित निगरानी की जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के साथ अन्य विभागों की जिम्मेदारियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि नालियों की सफाई, झाड़ियों की कटाई, जलभराव की समस्या का समाधान, फॉगिंग, एंटी-लार्वा दवाओं का छिड़काव और जनजागरूकता कार्यक्रमों को पूरी गंभीरता से संचालित किया जाए, ताकि डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और अन्य संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
अपर मुख्य सचिव ने आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका पर भी जोर देते हुए कहा कि घर-घर जाकर लोगों को स्वच्छता अपनाने, मच्छरों से बचाव के उपाय करने तथा बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेने के लिए जागरूक किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी विभागों को अपनी जिम्मेदारियों का पूरी गंभीरता से निर्वहन करना होगा। उन्होंने जिलों से प्राप्त रिपोर्टों के आधार पर नियमित समीक्षा और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में विशेष सचिव रवि रंजन, धीरेन्द्र सचान, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि और अपर निदेशकगण भौतिक रूप से उपस्थित रहे, जबकि प्रदेश के सभी जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।