कोलकाता, 20 मई 2026। पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य की ओबीसी आरक्षण व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए आरक्षण को 17 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया है। नई सूची के अनुसार अब केवल 66 जातियां ही ओबीसी आरक्षण के दायरे में रहेंगी। साथ ही धर्म आधारित वर्गीकरण की व्यवस्था भी समाप्त कर दी गई है।
राज्य सरकार ने कहा कि यह फैसला कलकत्ता उच्च न्यायालय के वर्ष 2024 के आदेश के आधार पर लिया गया है। अदालत ने 2010 से 2012 के बीच ओबीसी सूची में 77 अतिरिक्त जातियों को शामिल करने की प्रक्रिया को अवैध और असंवैधानिक बताया था।
हालांकि, वर्ष 2010 से पहले ओबीसी सूची में शामिल जातियों का दर्जा बरकरार रहेगा। साथ ही इस आरक्षण के तहत पहले से नौकरी प्राप्त कर चुके लोगों की नियुक्तियों पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा।
इस फैसले के साथ ममता बनर्जी सरकार के समय लागू ओबीसी-ए और ओबीसी-बी की व्यवस्था भी समाप्त हो गई है। पहले ओबीसी-ए वर्ग को 10 प्रतिशत और ओबीसी-बी वर्ग को 7 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा था। इसी दौरान कई नई जातियों को सूची में शामिल किया गया था।
नई सूची में कपाली, कुर्मी, सूत्रधार, कर्मकार, स्वर्णकार, नाई, तांती, धनुक, कसाई, खंडायत, तुरहा, देवांग और गोआला जैसी जातियां शामिल हैं। वहीं पहाड़िया, हज्जाम और चौधुली जैसे तीन मुस्लिम समुदायों को भी सूची में जगह दी गई है।
राज्य मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि सरकार ओबीसी ढांचे की नई समीक्षा करेगी। इसके लिए जांच समिति बनाई जाएगी और जिन समूहों की पहचान हाईकोर्ट ने स्पष्ट की है, उन पर पहले विचार किया जाएगा। समीक्षा के बाद जरूरत पड़ने पर कुछ समूहों को कानूनी प्रक्रिया के तहत दोबारा सूची में शामिल किया जा सकता है।
बंगाल कैबिनेट के सात बड़े फैसले
1. सरकारी नौकरियों में उम्र सीमा बढ़ी
राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा पांच वर्ष बढ़ाने का फैसला लिया है। अब ग्रुप-ए पदों के लिए आयु सीमा 41 वर्ष, ग्रुप-बी के लिए 44 वर्ष और ग्रुप-सी व डी के लिए 45 वर्ष होगी।
2. भ्रष्टाचार जांच के लिए समिति गठित
कैबिनेट ने संस्थागत भ्रष्टाचार की जांच के लिए बिश्वजीत बसु की अध्यक्षता में समिति बनाने को मंजूरी दी है।
3. महिलाओं और बच्चियों पर अत्याचार मामलों की जांच
महिलाओं, बच्चों, अनुसूचित जाति-जनजाति और अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े मामलों की जांच के लिए समाप्ति चटर्जी की अध्यक्षता में दूसरी समिति गठित की जाएगी।
4. धार्मिक मानदेय बंद
सरकार ने इमाम, मुअज्जिन और पुजारियों को धार्मिक आधार पर दिए जाने वाले सरकारी मानदेय को 1 जून से बंद करने का निर्णय लिया है।
5. महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये
राज्य सरकार ने ‘अन्नपूर्णा योजना’ को मंजूरी दी है, जिसके तहत महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
6. महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा
1 जून से महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा दी जाएगी।
7. सातवें वेतन आयोग को मंजूरी
राज्य सरकार ने कर्मचारियों के वेतन संशोधन के लिए सातवें राज्य वेतन आयोग के गठन को भी मंजूरी दे दी है।
