बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में फिर हंगामा, एफडी फर्जीवाड़े से नाराज खाताधारकों ने ढाई घंटे तक किया प्रदर्शन; पांच महिलाएं बेहोश

लखनऊ, 29 जून। मोहान रोड स्थित शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय परिसर में संचालित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में सोमवार को एक बार फिर जमकर हंगामा हुआ। कथित एफडी फर्जीवाड़े में जमा धनराशि वापस न मिलने से नाराज खाताधारकों ने बैंक के बाहर प्रदर्शन किया, नारेबाजी की और करीब ढाई घंटे तक बैंक का शटर बंद कर दिया। प्रदर्शन के दौरान भीड़ और उमस के कारण पांच महिला खाताधारकों की तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गईं। बाद में प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत सामान्य हुई।

प्रदर्शनकारी खाताधारकों का आरोप था कि बैंक प्रबंधन ने एक सप्ताह के भीतर जमा धनराशि लौटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद अधिकांश लोगों को उनका पैसा नहीं मिला। इसी से नाराज होकर बड़ी संख्या में लोग सोमवार सुबह बैंक शाखा पहुंच गए और बैंक के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रदर्शन के दौरान खाताधारकों ने बैंक प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी जमा पूंजी शीघ्र लौटाने की मांग की। प्रदर्शन के चलते बैंक का नियमित कामकाज भी प्रभावित रहा और करीब ढाई घंटे तक शाखा का शटर बंद रहा।

जमा राशि न मिलने पर बैंक का शटर बंद कर नारेबाजी, मैनेजर के आश्वासन और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद समाप्त हुआ धरना

धरने के दौरान भीड़ और गर्मी के कारण पांच महिला खाताधारकों की तबीयत बिगड़ गई। इनमें जानकी, गुड़िया, जयश्री, रुचि गौतम, रामादेवी और सुषमा के नाम सामने आए हैं। मौजूद लोगों ने महिलाओं को पानी पिलाकर और प्राथमिक सहायता देकर संभाला, जिसके बाद उनकी हालत में सुधार हुआ। (प्राप्त जानकारी में पांच महिलाओं के बेहोश होने का उल्लेख है, जबकि नाम छह लोगों के दिए गए हैं।)

घटना की सूचना मिलते ही बैंक शाखा प्रबंधक और भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत करने का प्रयास किया। वहीं शाखा प्रबंधक ने खाताधारकों को भरोसा दिलाया कि भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

करीब ढाई घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद बैंक प्रबंधन के आश्वासन और पुलिस की समझाइश पर प्रदर्शनकारी शांत हुए और बैंक का शटर खोला गया। इसके बाद शाखा में सामान्य बैंकिंग कार्य दोबारा शुरू हो सका।

गौरतलब है कि इस शाखा में सामने आए कथित एफडी फर्जीवाड़े के मामले में बैंक मित्र शिवा राव और उसके सहयोगी दीपक पर अधिक ब्याज का लालच देकर लोगों से लाखों रुपये जमा कराने का आरोप है। मामले में दोनों आरोपितों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और जांच जारी है।

खाताधारकों का कहना है कि 22 जून तक जमा धनराशि लौटाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन समय सीमा समाप्त होने के बाद भी अधिकांश लोगों को भुगतान नहीं मिला। इसी के विरोध में वे 22 जून से प्रत्येक कार्य दिवस पर बैंक पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी जमा पूंजी जल्द वापस नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उनका कहना है कि वर्षों की मेहनत की कमाई फंस जाने से कई परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं और उन्हें जल्द न्याय मिलना चाहिए।

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