लखनऊ, 29 जून। अयोध्या राम मंदिर दान विवाद को लेकर जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच भारतीय जनता पार्टी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार किया है। भाजपा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे पर अखिलेश यादव की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए इसे वोट बैंक की राजनीति से जोड़ दिया।
सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी अपने संदेश में पंकज चौधरी ने कहा कि अयोध्या को लेकर आवाज उठाना और मथुरा के मुद्दे पर पूरी तरह मौन रहना समाजवादी पार्टी की राजनीति का दोहरा चरित्र दर्शाता है। उन्होंने लिखा, “जहां वोट बैंक दिखे, वहां आवाज और जहां सच बोलना पड़े, वहां खामोशी—यही सपा अध्यक्ष की राजनीति का सबसे बड़ा सिद्धांत है।”
अयोध्या मुद्दे पर सवाल उठाने वाले सपा प्रमुख को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का जवाब, बोले- वोट बैंक जहां दिखे, वहीं आवाज उठती है
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे पर उनकी चुप्पी आखिर क्यों है। उन्होंने कहा कि यह मौन सिद्धांतों के कारण है या फिर वोट बैंक की मजबूरी के चलते। चौधरी ने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख की “सेलेक्टिव पीड़ा” तुष्टिकरण की राजनीति का वास्तविक चेहरा उजागर करती है।
दान विवाद के बाद तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी
अयोध्या राम मंदिर में दान राशि से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा सबसे पहले समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 7 जून को उठाया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।
शनिवार को भी अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ है। उन्होंने कहा था कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो अयोध्या को दुनिया की सबसे पवित्र और बेमिसाल धार्मिक नगरी के रूप में विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी भी साध चुके हैं निशाना
इससे पहले रविवार को हाथरस में आयोजित एक जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा था। मुख्यमंत्री ने कहा था कि अयोध्या को रामभक्तों ने भव्य स्वरूप दे दिया है। यदि वास्तव में धार्मिक मुद्दों को लेकर गंभीर हैं तो मथुरा-वृंदावन और श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भी खुलकर अपनी राय रखें।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि सपा प्रमुख को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन की तर्ज पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति अभियान का समर्थन करते हैं।
राजनीतिक गर्माहट बढ़ी
राम मंदिर दान विवाद की जांच और उस पर जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच अब श्रीकृष्ण जन्मभूमि का मुद्दा भी चर्चा के केंद्र में आ गया है। भाजपा जहां विपक्ष पर तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति का आरोप लगा रही है, वहीं समाजवादी पार्टी दान विवाद की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग पर कायम है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति में और अधिक गर्माने के संकेत दे रहा है।
