लखनऊ, 16 जून। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार की कॉरिडोर और चौड़ीकरण परियोजनाओं में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए उनकी बहुसदस्यीय न्यायिक जांच कराने की मांग की है।
मंगलवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी एक पोस्ट में अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा संचालित हर कॉरिडोर और चौड़ीकरण योजना के पीछे हुए कथित घोटालों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी ट्रस्ट, समिति, प्रशासनिक विभाग या विकास प्राधिकरण के अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि इतने बड़े स्तर पर कथित वित्तीय अनियमितताएं बिना मिलीभगत के संभव नहीं हैं। उन्होंने मांग की कि पिछले कुछ वर्षों में इन परियोजनाओं से जुड़े अधिकारियों, पदाधिकारियों और प्रभावशाली व्यक्तियों की संपत्तियों तथा आय के स्रोतों की भी जांच कराई जाए।
अखिलेश यादव ने कहा कि जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए आम जनता, ईमानदार पत्रकारों और विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों की निगरानी में जांच कराई जानी चाहिए।
उन्होंने अपनी पोस्ट के साथ एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें एक मंदिर जैसी संरचना पर बुलडोजर चलाए जाने का दृश्य दिखाई दे रहा है। वीडियो पर अयोध्या में वर्ष 1940 में स्थापित एक शिव मंदिर को ध्वस्त किए जाने का दावा किया गया है। हालांकि, वीडियो में किए गए दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
सपा अध्यक्ष की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब राम मंदिर से जुड़े दान और वित्तीय प्रबंधन में कथित अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए गठित एसआईटी ने अपनी पड़ताल शुरू की है।
