लखनऊ, 19 मई 2026 (यूएनएस)। अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी मौजूदा सहयोगी दलों के साथ मिलकर चुनाव मैदान में उतरेगी। उन्होंने कहा कि समाजवादियों के पास गठबंधन करने और उसे सफलतापूर्वक चलाने का लंबा अनुभव है।
मंगलवार को एक समाचार पत्र के कार्यक्रम में बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि लोकसभा चुनाव की तरह विधानसभा चुनाव में भी सीटों की संख्या से ज्यादा जीत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा, “लोकसभा में सवाल सीट का नहीं, जीत का था। विधानसभा चुनाव में भी वही फार्मूला जारी रहेगा।”
लोकसभा में सीट नहीं जीत अहम थी, विधानसभा चुनाव में भी वही फार्मूला अपनाएंगे
कांग्रेस को कितनी सीटें दी जाएंगी, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि गठबंधन सीटों की संख्या के आधार पर तय नहीं होगा। हालांकि उन्होंने विधानसभा चुनाव की रणनीति का खुलासा करने से इनकार करते हुए कहा कि उनका विरोधी बहुत ताकतवर है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने तंज कसा और कहा कि यदि प्रधानमंत्री ईरान के साथ खड़े हो जाते तो युद्ध जैसी स्थिति नहीं बनती। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दुनिया के विशेषज्ञ भी इस बात को मानेंगे।
उन्होंने कहा कि इस बार विपक्ष किसी एक चेहरे का नाम नहीं है, बल्कि महंगाई, नीट परीक्षा के अभ्यर्थी, पेट्रोल-डीजल और गैस की बढ़ती कीमतें, अग्निवीर योजना से जुड़े जवान, बेरोजगार युवा, 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी और शिक्षामित्र ही असली विपक्ष हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सोच जहां समाप्त होती है, वहीं से पीडीए शुरू होता है। उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए ‘पी’ का मतलब पार्टी हो सकता है, लेकिन समाजवादियों के लिए ‘पी’ का अर्थ पीड़ित है।
उन्होंने कहा कि आज बहस महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर होनी चाहिए, लेकिन चर्चा दूसरी दिशा में मोड़ी जा रही है। साइकिल पर टिप्पणी को लेकर उन्होंने कहा कि यदि लोग साइकिल चला रहे हैं तो यह आने वाले समय का संकेत है कि साइकिल ही सबसे जरूरी साधन बनेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सड़कों पर क्या होना चाहिए और क्या नहीं, इसके नियम तय हैं और इस पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी नीट परीक्षा, 69 हजार शिक्षक भर्ती और आरक्षण जैसे मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी।
