‘एक जनपद एक व्यंजन’ से वैश्विक पहचान की ओर बढ़ेगा यूपी का पारंपरिक स्वाद

लखनऊ, 19 मई 2026 (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश की समृद्ध पाक परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। योगी सरकार “एक जनपद एक व्यंजन” योजना के माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक जिले के पारंपरिक और विशिष्ट व्यंजनों का चिन्हांकन कर उन्हें संगठित, सुरक्षित, ब्रांडेड और बाजारोन्मुख बनाने की तैयारी में है।

सरकार का उद्देश्य केवल पारंपरिक स्वाद और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना ही नहीं, बल्कि स्थानीय उद्यमिता, रोजगार और निर्यात को भी बढ़ावा देना है। हाल ही में योगी कैबिनेट ने इस महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी है।

योजना के तहत जिलाधिकारियों, विभिन्न विभागों, प्रतिष्ठित संस्थानों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और जिला उद्योग केंद्रों से प्राप्त सुझावों के आधार पर जनपदवार व्यंजनों की पहचान की गई है। सरकार इन व्यंजनों को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रही है।

योगी सरकार पारंपरिक व्यंजनों की करेगी ब्रांडिंग, एक्सपोर्ट और रोजगार पर रहेगा फोकस

पारंपरिक व्यंजनों की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण, केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान और राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से जनपदवार और व्यंजनवार “स्टैंडर्ड रेसिपी मैन्युअल” तैयार किए जाएंगे। इससे व्यंजनों का स्वाद और गुणवत्ता एक समान बनी रहेगी तथा उनकी शेल्फ लाइफ भी बढ़ सकेगी।

सरकार व्यंजनों को एक्सपोर्ट रेडी बनाने के लिए आधुनिक पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान दे रही है। भारतीय पैकेजिंग संस्थान के सहयोग से स्मार्ट पैकेजिंग, इको-फ्रेंडली पैक, क्यूआर कोड, बारकोड और न्यूट्रीशन लेबलिंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि उपभोक्ताओं को उत्पाद की गुणवत्ता और पोषण संबंधी पूरी जानकारी मिल सके।

योजना के अंतर्गत स्थानीय उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को पैकेजिंग, डिजाइनिंग, गुणवत्ता सुधार और फूड प्रोसेसिंग से संबंधित नि:शुल्क प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

योगी सरकार “स्वाद यूपी का” थीम के तहत प्रदेश के प्रमुख आयोजनों में पारंपरिक व्यंजनों की विशेष प्रदर्शनी लगाने की भी तैयारी कर रही है। साथ ही लघु फिल्मों, डिजिटल प्रचार और ब्रांडिंग अभियानों के जरिए उत्तर प्रदेश के पारंपरिक स्वाद को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की रणनीति बनाई जा रही है।

सरकार की यह पहल केवल खानपान तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन, रोजगार और निर्यात से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि “एक जनपद एक व्यंजन” योजना आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक स्वाद को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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