टीएमसी में दरार की अटकलों के बीच शत्रुघ्न सिन्हा बोले- ममता बनर्जी के साथ खड़ा रहना मेरा फर्ज

कोलकाता/नई दिल्ली, 11 जून 2026 (RNN)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में संभावित फूट की अटकलों के बीच पार्टी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी का साथ देना उनका कर्तव्य और नैतिक जिम्मेदारी है।

एक समाचार एजेंसी से बातचीत में शत्रुघ्न सिन्हा ने आसनसोल और पश्चिम बंगाल की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें वहां के लोगों से भरपूर प्रेम और समर्थन मिला है। उन्होंने बताया कि वह ममता बनर्जी के बुलावे और उनके निर्देश पर ही आसनसोल आए थे। वहां हुए उपचुनाव में उन्होंने रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की थी और बाद में हुए चुनाव में भी जनता ने उन पर विश्वास जताया।

उन्होंने कहा कि वह पश्चिम बंगाल के सभी लोगों के लिए काम करते हैं, चाहे उनका संबंध किसी भी राजनीतिक दल से हो। जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी प्राथमिकता जनता की सेवा करना है।

अपने राजनीतिक जीवन के कठिन दौर को याद करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि वर्ष 2019 में पटना से चुनाव हारने के बाद वह मुश्किल परिस्थितियों से गुजर रहे थे। उस समय बहुत कम लोग उनके साथ खड़े थे। ममता बनर्जी उन नेताओं में शामिल थीं जिन्होंने उनका समर्थन किया और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी चाहती थीं कि वह संसद में अपनी भूमिका बनाए रखें और इसी कारण उन्होंने आसनसोल से चुनाव लड़कर जीत हासिल की।

हाल के दिनों में उनके किसी बागी गुट से जुड़ने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि वह हमेशा बेबाकी से अपनी बात रखते हैं और सच बोलने में विश्वास करते हैं। उन्होंने कहा, “यदि सच बोलना बगावत है तो मैं बागी हूं।” हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका अर्थ पार्टी विरोध नहीं है।

सिन्हा ने कहा कि वह दो बार तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर जीतकर संसद पहुंचे हैं। ऐसे में ममता बनर्जी और पार्टी के साथ खड़ा रहना उनका दायित्व है। उन्होंने कहा कि जब उनके कठिन समय में ममता बनर्जी ने उनका साथ दिया था, तब आज उनका भी फर्ज बनता है कि वह इस समय उनके साथ खड़े रहें।

उन्होंने कहा कि राजनीति में निष्ठा और प्रतिबद्धता का विशेष महत्व होता है और वह अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करते रहेंगे। शत्रुघ्न सिन्हा के इस बयान को तृणमूल कांग्रेस में दरार की अटकलों के बीच पार्टी नेतृत्व के प्रति समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।

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