मैनपुरी, 26 जुलाई 2026 (यूएनएस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को मैनपुरी जनपद को ₹682 करोड़ की लागत वाली 111 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के साथ 19 लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं के प्रमाणपत्र और लाभ वितरित किए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें भारत की ऐतिहासिक और पौराणिक भूमि मैनपुरी आने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने कहा कि करहल और मैनपुरी के विकास को गति देने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने करहल के विधायक अनुजेश यादव का उल्लेख करते हुए कहा कि वे क्षेत्र की विकास योजनाओं को लेकर लगातार उनसे मिलते रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब मैनपुरी का नाम सुनकर लोग घबराते थे और यहां के युवाओं को दूसरे जिलों में किराये पर कमरा तक नहीं मिलता था। उन्होंने दावा किया कि आज कानून व्यवस्था में सुधार के कारण मैनपुरी के युवाओं और व्यापारियों को पूरे प्रदेश में सम्मान मिल रहा है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश की पहचान को नुकसान पहुंचाने और बेटियों के मन में भय का माहौल पैदा करने का काम पहले की सरकारों ने किया था।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य को “बीमारू” नहीं रहने दिया जा सकता था। आज प्रदेश देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि मैनपुरी में सड़क, संग्रहालय, मंदिर, पेयजल और अन्य आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है तथा विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों को योजनाओं का लाभ दे रही है। किसानों को मुफ्त बिजली, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का लाभ मिल रहा है, जबकि मैनपुरी की प्रसिद्ध तारकशी कला को भी वैश्विक पहचान दिलाई गई है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पहले प्रदेश में गुंडागर्दी का माहौल था और लोग अपनी बेटियों को पढ़ने के लिए बाहर भेजने से डरते थे। उन्होंने भाजपा नेता मदन चौहान की हत्या का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार बनने के बाद प्रदेश को गुंडा-माफिया मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया। उन्होंने कहा, “आज उत्तर प्रदेश में न कर्फ्यू है, न दंगा, सब कुछ चंगा ही चंगा है और सभी त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में मनाए जा रहे हैं।”
सपा नेतृत्व पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की सरकार में नौकरियों में पारदर्शिता नहीं थी, जबकि अब युवाओं को बिना किसी सिफारिश या धन के सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब “उत्सव प्रदेश” बन चुका है और सरकार सबका साथ, सबका विकास की भावना से कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वह जुलाई माह में इसलिए मैनपुरी आए हैं ताकि फसलों, बिजली और पेयजल की स्थिति का स्वयं आकलन कर सकें। उन्होंने आश्वस्त किया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए विकास प्रस्तावों पर सरकार प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करेगी।
कांवड़ यात्रा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले इस यात्रा में बाधाएं उत्पन्न की जाती थीं, जबकि डबल इंजन सरकार ने इसे सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने का कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि पहले पर्यटन और संस्कृति विभाग का अधिक धन कब्रिस्तानों पर खर्च होता था, जबकि अब मंदिरों, धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक धरोहरों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शिकोहाबाद-भोगांव मार्ग के चौड़ीकरण पर ₹292 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं तथा स्वच्छ पेयजल, ऑडिटोरियम और अन्य विकास परियोजनाओं से मैनपुरी और करहल क्षेत्र को व्यापक लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए मॉडल स्कूल का भी लोकार्पण किया गया है, जिसमें कक्षा 1 से 12 तक की शिक्षा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार गरीब, किसान, महिला, युवा और हर वर्ग के उत्थान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।