लखनऊ/वाराणसी, 15 जून (RNN)। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सोमवार को वाराणसी में आयोजित प्रेस वार्ता में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाते हुए राम मंदिर के चढ़ावे, दानपात्र में कथित चोरी और जमीन खरीद प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़े धन का दुरुपयोग किया गया है और दोषियों के खिलाफ अब तक कठोर कार्रवाई नहीं की गई।
संजय सिंह ने दावा किया कि अयोध्या की गाटा संख्या 247 की 0.645 हेक्टेयर नजूल भूमि, जिसकी सरकारी अभिलेखों में कीमत लगभग 2 करोड़ 92 लाख 86 हजार रुपये दर्ज है, उसे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा 24 करोड़ रुपये में खरीदा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सौदा श्रद्धालुओं के चंदे और दान की राशि के दुरुपयोग का उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि 22 जुलाई 2024 को उपजिलाधिकारी द्वारा जारी दस्तावेजों में संबंधित भूमि को नजूल भूमि बताया गया था। उनके अनुसार नजूल भूमि सरकारी स्वामित्व की होती है और उसका हस्तांतरण निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के बिना नहीं किया जा सकता। ऐसे में जमीन खरीद की पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी अयोध्या में जमीन खरीद से जुड़े एक अन्य प्रकरण में उन्होंने अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि उस समय भी ट्रस्ट के पदाधिकारियों के नाम सामने आए थे, लेकिन मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का आरोप
आप सांसद ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के दानपात्र और चढ़ावे में 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने दावा किया कि 50 से अधिक कर्मचारियों की भूमिका की चर्चा हो रही है और कुछ लोगों की गिरफ्तारी तथा नकदी बरामदगी की खबरें भी सामने आई हैं।
उन्होंने कहा कि यदि दान राशि में गड़बड़ी के आरोपों की जांच चल रही है तो जिम्मेदार लोगों की भूमिका भी स्पष्ट की जानी चाहिए। उनके अनुसार श्रद्धालुओं द्वारा भगवान राम के नाम पर दिया गया चढ़ावा पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ खर्च होना चाहिए।
प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार से सवाल
संजय सिंह ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद केंद्र सरकार द्वारा किया गया था। ऐसे में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री को भी इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि दान राशि, जमीन खरीद और वित्तीय लेनदेन को लेकर इतने गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं तो जांच एजेंसियों की कार्रवाई अब तक क्यों नहीं दिखाई दे रही है।
ट्रस्ट भंग करने और गिरफ्तारी की मांग
आम आदमी पार्टी नेता ने मांग की कि पूरे मामले की न्यायिक या स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता या मिलीभगत साबित होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
संजय सिंह ने चंपत राय समेत कथित रूप से जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि वर्तमान ट्रस्ट को भंग कर उसकी जगह ऐसे लोगों को जिम्मेदारी सौंपी जाए जिनकी निष्पक्षता और ईमानदारी पर समाज को भरोसा हो।
उन्होंने कहा कि भगवान राम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और उनके नाम पर एकत्रित चंदे तथा दान की राशि में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी स्वीकार नहीं की जा सकती। इसलिए पूरे प्रकरण की पारदर्शी जांच कर सच्चाई देश के सामने लाई जानी चाहिए।
