लखनऊ, 08 जून 2026 (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा की पहली पाली का पेपर देकर बाहर निकले अधिकांश अभ्यर्थियों ने हिंदी और गणित के प्रश्नों को अपेक्षाकृत आसान बताया, जबकि जनरल स्टडीज (जीएस) के सवालों को चुनौतीपूर्ण बताया। अभ्यर्थियों का कहना था कि जीएस में गहराई से पूछे गए प्रश्नों के कारण समय प्रबंधन प्रभावित हुआ और कई परीक्षार्थियों को निर्धारित समय में सभी प्रश्न हल करने में कठिनाई हुई।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा 8 से 10 जून तक प्रदेश के 75 जिलों में कराई जा रही है। राजधानी लखनऊ में परीक्षा के लिए 55 केंद्र बनाए गए हैं, जहां कुल 1,35,936 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। प्रत्येक पाली में 22,656 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।
पहले दिन की परीक्षा में उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों के अभ्यर्थी भी शामिल हुए। परीक्षा में शामिल होने के लिए हजारों अभ्यर्थी एक दिन पहले ही लखनऊ पहुंच गए थे। चारबाग रेलवे स्टेशन पर अभ्यर्थियों की भारी भीड़ देखने को मिली। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए नगर निगम की ओर से स्टेशन परिसर में अस्थायी रैन बसेरे की व्यवस्था की गई, जहां कूलर, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
सुबह आठ बजे से परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई थी। सुरक्षा मानकों के तहत कड़ी जांच के बाद ही परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया गया। नेशनल पीजी कॉलेज केंद्र पर एक नवविवाहिता अभ्यर्थी को प्रवेश से पहले अपने कंगन और मंगलसूत्र उतारकर पति को सौंपने पड़े, जिसके बाद उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिला।
पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा 32,679 सिपाही पदों पर भर्ती के लिए यह परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में हो रही है। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जा रही है।
अभ्यर्थियों के अनुसार हिंदी और गणित के प्रश्न पाठ्यक्रम के अनुरूप और संतुलित थे, जबकि जीएस खंड में समसामयिक घटनाओं, इतिहास, भूगोल और सामान्य ज्ञान से जुड़े अपेक्षाकृत कठिन प्रश्न पूछे गए, जिससे कई परीक्षार्थियों को अतिरिक्त समय देना पड़ा। हालांकि अधिकांश अभ्यर्थियों ने परीक्षा को कुल मिलाकर संतुलित बताया और भर्ती प्रक्रिया के शांतिपूर्ण संचालन पर संतोष जताया।
