यूपी में जानलेवा आंधी-बारिश: 23 की मौत, आज कई जिलों में तूफान और वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने भारी तबाही मचाई है। सोमवार सुबह आई तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली ने अलग-अलग जिलों में कहर बरपाया, जिससे अब तक 23 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में अवध क्षेत्र के सात लोग भी शामिल हैं।

तेज हवाओं और बारिश के चलते कई जगह पेड़ और दीवारें गिर गईं, जबकि आकाशीय बिजली गिरने से खेतों में काम कर रहे किसान और खुले स्थानों पर मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए। इस प्राकृतिक आपदा ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।

अवध क्षेत्र में सात मौतें
अवध के जिलों में तेज आंधी और बारिश के दौरान कई हादसे हुए। गोंडा में पेड़ गिरने, बिजली का तार टूटने और खराब मौसम में कार पलटने से चार लोगों की अलग-अलग स्थानों पर मौत हो गई। बलरामपुर में पेड़ गिरने से एक ई-रिक्शा चालक की जान चली गई। वहीं बहराइच और अंबेडकर नगर में आकाशीय बिजली गिरने से दो युवकों की मौत हो गई।

कई जिलों में भारी बारिश दर्ज
प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई। संभल में सर्वाधिक 130 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि कासगंज में 97 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा बरेली में 54.6 मिलीमीटर, बाराबंकी में 53 मिलीमीटर, मुरादाबाद में 45 मिलीमीटर और गोरखपुर में 41.4 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।

तेज हवाओं की रफ्तार 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिससे तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से 10 से 12 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया। बाराबंकी में 26.5 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे कम अधिकतम तापमान दर्ज हुआ।

आज के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए 21 जिलों में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इनमें बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या और अंबेडकर नगर शामिल हैं।

इसके अलावा करीब 30 जिलों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

अगले तीन दिन तक सतर्क रहने की सलाह
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, अगले तीन दिनों तक प्रदेश में आंधी, बारिश और वज्रपात की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। पांच से सात मई के बीच भी कई क्षेत्रों में तेज हवाएं और ओले गिर सकते हैं।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें।

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