लखनऊ/गोरखपुर, 05 मई 2026। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने डेढ़ लाख शिक्षामित्र परिवारों को संकट से उबारने का काम किया है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि बिना नियम-कानून के शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक बनाने का प्रयास किया गया, जिसके चलते सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा और सेवाएं समाप्त करने का आदेश देना पड़ा।
गोरखपुर में आयोजित राज्यस्तरीय शिक्षामित्र सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय स्थिति बेहद गंभीर थी और लाखों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था। ऐसे में सरकार ने निर्णय लिया कि शिक्षामित्रों की सेवाएं समाप्त नहीं की जाएंगी, बल्कि उन्हें नई व्यवस्था में समायोजित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद शिक्षामित्रों का मानदेय 3,500 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये किया गया था, जिसे अब बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। यह बढ़ा हुआ मानदेय अप्रैल 2026 से लागू हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों को सकारात्मक सोच अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि नकारात्मकता और ट्रेड यूनियन जैसी मानसिकता से शिक्षा व्यवस्था को नुकसान होता है। उन्होंने कहा, “पहले देश, फिर हम” की भावना के साथ कार्य करने वाले शिक्षक ही बेहतर पीढ़ी का निर्माण कर सकते हैं।
स्वास्थ्य सुविधाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि शिक्षामित्रों को भी प्रधानमंत्री की कैशलेस स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का वार्षिक कवर दिया जाएगा। जिन लोगों को अभी तक इसका लाभ नहीं मिला है, उन्हें भी जल्द जोड़ा जाएगा।
सरकार ने शिक्षामित्रों के लिए बैंक खाते खुलवाने और मानदेय सीधे खाते में भेजने की व्यवस्था लागू की है। साथ ही, उन्हें उनके गृह जिले या नजदीकी विद्यालय में तैनाती देने और विशेषकर महिला शिक्षामित्रों को म्यूचुअल ट्रांसफर की सुविधा देने की भी घोषणा की गई।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के तहत प्रदेश के विद्यालयों की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। जहां पहले बुनियादी सुविधाएं 30-36% तक सीमित थीं, अब यह 96-99% तक पहुंच चुकी हैं। वहीं, ड्रॉपआउट दर 19% से घटकर 3% रह गई है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 1 करोड़ 60 लाख बच्चों को यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते, मोजे और स्वेटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। निपुण भारत मिशन, पीएम श्री योजना और कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के विस्तार जैसे प्रयासों से शिक्षा का स्तर बेहतर हुआ है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 1.43 लाख शिक्षामित्रों को बधाई दी और उनसे ‘स्कूल चलो अभियान’ को गति देने की अपील की। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों को प्रेमपूर्वक पढ़ाने और अभिभावकों को भी शिक्षा के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर संदीप सिंह, रवि किशन सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कुछ शिक्षामित्रों को प्रतीकात्मक चेक भी वितरित किए और ‘अरुणोदय’ गतिविधि कैलेंडर का विमोचन किया।
