लखनऊ, 24 जुलाई। 69 हजार शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों ने शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास का घेराव कर नियुक्ति की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। सुबह करीब 11:10 बजे बड़ी संख्या में अभ्यर्थी मंत्री आवास पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाकर हिरासत में लिया और उन्हें ईको गार्डन भेज दिया।
प्रदर्शन के दौरान एक अभ्यर्थी की तबीयत बिगड़ने पर वह बेहोश होकर गिर पड़ा। वहीं, अपने छोटे बच्चे के साथ प्रदर्शन में पहुंची एक महिला अभ्यर्थी के बच्चे को पुलिसकर्मियों ने गोद में लेकर सुरक्षित रखा। प्रदर्शन के दौरान “योगी बाबा न्याय करो” के नारे लगाए गए। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच करीब आधे घंटे तक धक्का-मुक्की और हंगामा चलता रहा।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में 8,270 सीटों का मामला प्रस्तुत किया है, जबकि उनकी मूल मांग 6,800 विवादित सीटों पर आरक्षण संबंधी विसंगतियों को दूर कर नियुक्ति देने की रही है। उनका कहना है कि नई प्रक्रिया के तहत केवल लगभग 3,300 अभ्यर्थियों को ही लाभ मिलेगा।
महिला अभ्यर्थियों ने कहा कि वे पिछले छह वर्षों से न्याय की लड़ाई लड़ रही हैं और सरकार की नीतियों के कारण छोटे बच्चों के साथ सड़क पर उतरने को मजबूर हैं। उनका आरोप है कि पिछड़ा वर्ग और एससी-एसटी अभ्यर्थियों के साथ आरक्षण के मामले में अन्याय हुआ है।
प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थी अमित मौर्य ने सवाल उठाया कि जब 6,800 सीटों पर आरक्षण संबंधी गड़बड़ी स्वीकार की जा चुकी है, तो लाभ केवल 3,300 अभ्यर्थियों तक ही क्यों सीमित किया जा रहा है। उन्होंने तीन बार काउंसलिंग में शामिल न होने वाले अभ्यर्थियों को दोबारा मौका देने पर भी आपत्ति जताई।
देवरिया से आए अभ्यर्थी धनंजय गुप्ता ने मांग की कि तीन बार काउंसलिंग के बावजूद रिक्त रहे 4,946 पदों को मेरिट के आधार पर भरा जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
अभ्यर्थियों ने कहा कि वे लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं और सरकार से आरक्षण नियमों के अनुरूप पारदर्शी तरीके से नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की मांग कर रहे हैं।