लखनऊ, 24 जुलाई। उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देने के लिए औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ ने शुक्रवार को इन्वेस्ट यूपी, पिकप भवन में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में निवेश, औद्योगिक परियोजनाओं, भूमि प्रबंधन, विनिर्माण और रोजगार सृजन की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निवेश परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
मंत्री नन्दी ने कहा कि प्रदेश से बड़ी संख्या में कुशल श्रमिक टेक्सटाइल, फुटवियर और अन्य उद्योगों में काम करने के लिए दूसरे राज्यों में जाते हैं। इसे रोकने के लिए उत्तर प्रदेश में टेक्सटाइल, फुटवियर, ऑटो-इलेक्ट्रिकल और अन्य श्रमप्रधान उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है, ताकि स्थानीय युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार मिल सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर तीन महीने में निवेश परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की जाए। साथ ही औद्योगिक भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया को और सरल, पारदर्शी एवं तेज बनाने, भूमि बैंक का विस्तार करने तथा सिंगल विंडो सिस्टम और बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) की परियोजनाओं में तेजी लाने पर जोर दिया।
बैठक में बताया गया कि आगामी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (GBC) के लिए फिलहाल ₹6 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव तैयार हैं और अगले दो से तीन महीनों में यह आंकड़ा ₹8 लाख करोड़ तक पहुंचने की संभावना है। सरकार ने अगले तीन महीनों में ₹500 करोड़ से अधिक की 50 और ₹100 करोड़ से अधिक की 500 नई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है।
समीक्षा के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में फैक्ट्री अधिनियम के तहत 4,860 नई औद्योगिक इकाइयों का पंजीकरण हुआ, जिससे 3 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए। यह पिछले वर्ष की तुलना में 33 प्रतिशत की वृद्धि है। वहीं, औद्योगिक विकास प्राधिकरणों ने 15,610 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया, जिसमें से 2,671 एकड़ भूमि औद्योगिक उपयोग के लिए आवंटित की जा चुकी है। राज्य का कुल निर्यात भी बढ़कर ₹2.01 लाख करोड़ तक पहुंच गया है।
बैठक में अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने निवेश परियोजनाओं की त्रैमासिक समीक्षा, बड़े निवेश प्रस्तावों को प्राथमिकता देने तथा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और वित्तीय सेवा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने पर जोर दिया। वहीं, इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि ‘निवेश मित्र 3.0’ के माध्यम से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और मजबूत किया जा रहा है तथा टेक्सटाइल, लेदर और जीसीसी जैसे क्षेत्रों के लिए जल्द ही क्षेत्र-विशिष्ट निवेश सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
बैठक में औद्योगिक विकास राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।