नई दिल्ली, 24 जुलाई। 2026 के नीट पेपर लीक विवाद के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में बड़े प्रशासनिक बदलावों की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी क्रम में एजेंसी ने 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। इसे एनटीए के गठन के बाद अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इनमें से कुछ अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
एनटीए के अधिकारियों का कहना है कि एजेंसी का पूरी तरह कायाकल्प किया जाएगा और चरणबद्ध तरीके से सुधारात्मक कदम लागू किए जाएंगे। यह कार्रवाई उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी के पंचायती राज मंत्रालय में तबादले के एक दिन बाद सामने आई है।
NTA में क्या-क्या बदल सकता है?
सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए कई बड़े सुधारों पर विचार कर रही है। प्रस्तावित बदलावों में परीक्षा संचालन से जुड़े निजी वेंडर्स के चयन के नियमों को सख्त करना, आउटसोर्सिंग व्यवस्था में सुधार, लीक-प्रूफ परीक्षा प्रणाली विकसित करना तथा तकनीकी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना शामिल है।
इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के चयन और निगरानी की प्रक्रिया में बदलाव, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा एवं वितरण प्रणाली को और मजबूत बनाने तथा एनटीए की जवाबदेही बढ़ाने के लिए नए प्रावधान लागू किए जा सकते हैं। विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाने की भी संभावना है।
सुधार की जरूरत क्यों पड़ी?
पिछले कुछ समय से एनटीए लगातार विवादों में रहा है। विशेष रूप से 2026 नीट पेपर लीक विवाद के बाद एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे। छात्रों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन कर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, सुरक्षा और जवाबदेही बढ़ाने की मांग की। यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी चर्चा का केंद्र बना और विपक्ष ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तथा संसद में चर्चा की मांग उठाई।
इससे पहले 2024 में भी नीट और यूजीसी-नेट प्रश्नपत्र लीक विवाद के बाद तत्कालीन एनटीए महानिदेशक सुबोध कुमार सिंह को पद से हटाया गया था।
NTA किन परीक्षाओं का आयोजन करता है?
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी देश की प्रमुख प्रवेश एवं पात्रता परीक्षाओं का आयोजन करती है। इनमें NEET-UG, JEE Main, CUET-UG, CUET-PG, UGC-NET, CSIR-UGC NET, CMAT, GPAT, AIAPGET, JIPMAT, NCET, AISSEE, NCHM JEE, NSSNET, SHRESHTA और SWAYAM सहित 15 से 20 राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं शामिल हैं। इन परीक्षाओं के माध्यम से मेडिकल, इंजीनियरिंग, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, प्रबंधन, फार्मेसी, शिक्षक शिक्षा और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश एवं पात्रता तय की जाती है।