राष्ट्रीय डिजिटल इनोवेशन समिट-2026: यूपी ने रखा एआई और डिजिटल भविष्य का रोडमैप, नीति से नवाचार तक दिखी नई सोच

लखनऊ में आयोजित राष्ट्रीय डिजिटल इनोवेशन समिट-2026 में उत्तर प्रदेश सरकार ने एआई, डिजिटल गवर्नेंस, डेटा सेंटर, साइबर सुरक्षा और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने का विजन प्रस्तुत किया। प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने स्टेट एआई मिशन, एआई स्टैक और एआई सिटी जैसी पहलों की जानकारी दी। सम्मेलन में नीति आयोग, उद्योग जगत, शिक्षाविदों और स्टार्टअप प्रतिनिधियों ने भाग लेकर डिजिटल परिवर्तन और कौशल विकास पर व्यापक चर्चा की।

उत्तर प्रदेश ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। राजधानी लखनऊ के द सेंट्रम में आयोजित तृतीय राष्ट्रीय डिजिटल इनोवेशन समिट-2026 के पहले दिन सरकार, उद्योग, शिक्षाविदों और तकनीकी विशेषज्ञों ने एआई आधारित सुशासन, डिजिटल अवसंरचना, स्टार्टअप, साइबर सुरक्षा और कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन किया।

उत्तर प्रदेश सरकार के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग तथा ईलेट्स टेक्नोमीडिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य राज्य को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, डेटा सेंटर, डिजिटल गवर्नेंस और उभरती तकनीकों का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की दिशा में सरकार और उद्योग के बीच साझेदारी को मजबूत करना है।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश एक ऐसे एआई इकोसिस्टम का निर्माण कर रहा है, जिसमें नीति, नवाचार और सुशासन का प्रभावी समन्वय हो। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार स्टेट एआई मिशन, एआई स्टैक, एआई सिटी, डीप-टेक हब और आधुनिक डिजिटल अवसंरचना जैसी पहलों के माध्यम से निवेश, रोजगार और तकनीकी नवाचार को नई गति दे रही है।

ईलेट्स टेक्नोमीडिया के संस्थापक, सीईओ एवं एडिटर-इन-चीफ डॉ. रवि गुप्ता ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता भविष्य की सुशासन प्रणाली का महत्वपूर्ण आधार बनने जा रही है। उन्होंने सरकार, उद्योग, शिक्षण संस्थानों और स्टार्टअप्स के बीच मजबूत सहयोग को जिम्मेदार एवं नागरिक-केंद्रित डिजिटल समाधान विकसित करने के लिए आवश्यक बताया।

इस अवसर पर ‘उत्तर प्रदेश: शेपिंग द फ्यूचर – एआई एंड डिजिटल इनोवेशन’ विषय पर आधारित ई-गव विशेषांक का भी विमोचन किया गया। इस प्रकाशन में प्रदेश की एआई, डिजिटल गवर्नेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, स्टार्टअप इकोसिस्टम और उभरती तकनीकों से जुड़ी उपलब्धियों को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।

नीति आयोग के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. विवेक कुमार सिंह ने कहा कि मजबूत नीतिगत समर्थन, विश्वस्तरीय डिजिटल अवसंरचना और तेजी से विकसित हो रहे नवाचार तंत्र के कारण उत्तर प्रदेश कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, क्वांटम तकनीक और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग का राष्ट्रीय केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

वहीं व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. हरि ओम ने भविष्य की तकनीकों के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर जोर देते हुए कहा कि उद्योग, शिक्षण संस्थानों और सरकार के बीच बेहतर समन्वय ही एआई आधारित अर्थव्यवस्था की सफलता सुनिश्चित करेगा।

सम्मेलन के दौरान देश-विदेश की अग्रणी तकनीकी कंपनियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, क्लाउड कंप्यूटिंग, स्मार्ट गवर्नेंस और सुरक्षित डिजिटल अवसंरचना से जुड़े अत्याधुनिक समाधान प्रदर्शित किए। विशेषज्ञों ने भरोसेमंद एआई, डेटा सुरक्षा और नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में आधुनिक तकनीकों की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की।

इसके साथ ही आयोजित विभिन्न पैनल चर्चाओं में एआई आधारित सुशासन, साइबर सुरक्षा, डिजिटल ट्रस्ट, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, डेटा सेंटर इकोसिस्टम, स्टार्टअप, कौशल विकास और भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। वक्ताओं का मानना था कि तकनीक, नवाचार और प्रभावी नीतियों का समन्वय उत्तर प्रदेश को वैश्विक डिजिटल एवं नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

सम्मेलन के साथ आयोजित इंडस्ट्री एक्सपो भी आकर्षण का केंद्र रहा, जहां अग्रणी कंपनियों ने एआई, क्लाउड, नेटवर्किंग, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सुरक्षा और डिजिटल गवर्नेंस से जुड़े नवीनतम उत्पाद एवं समाधान प्रदर्शित किए।

सम्मेलन के पहले दिन का समापन इस विश्वास के साथ हुआ कि सरकार, उद्योग, शिक्षण संस्थानों और स्टार्टअप्स के बीच मजबूत साझेदारी उत्तर प्रदेश को एआई संचालित सुशासन, डिजिटल नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता के नए आयामों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सम्मेलन का दूसरा दिन 18 जुलाई को अयोध्या भ्रमण और विशेष तकनीकी सत्रों के साथ आयोजित होगा।

मुख्य बिंदु
उत्तर प्रदेश में एआई आधारित डिजिटल इकोसिस्टम विकसित करने पर जोर।
स्टेट एआई मिशन, एआई स्टैक, एआई सिटी और डीप-टेक हब जैसी योजनाओं पर फोकस।
सरकार, उद्योग, स्टार्टअप और शिक्षण संस्थानों के बीच साझेदारी मजबूत करने पर बल।
साइबर सुरक्षा, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल गवर्नेंस पर व्यापक चर्चा।
इंडस्ट्री एक्सपो में आधुनिक एआई और डिजिटल तकनीकों का प्रदर्शन।

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