प्रयागराज में रज्जू भय्या विश्वविद्यालय का नवम दीक्षांत समारोह संपन्न: 81,882 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां, मेधावियों में बेटियों का दबदबा

लखनऊ/प्रयागराज: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में नैनी स्थित प्रोफेसर राजेन्द्र सिंह (रज्जू भय्या) विश्वविद्यालय का नवम (9वां) दीक्षांत समारोह गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। इस वर्ष का सबसे प्रतिष्ठित चांसलर मेडल एमएससी जूलॉजी की छात्रा शिप्रा यादव को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धि (9.113 CGPA) के लिए प्रदान किया गया।

समारोह के दौरान कुल 81,882 छात्र-छात्राओं को डिजिटल लॉकर के माध्यम से उपाधियां प्रदान की गईं, जिसमें 42,960 छात्राएं और 38,922 छात्र शामिल रहे। इसके अलावा, शैक्षणिक क्षेत्र में असाधारण प्रदर्शन करने वाले 236 मेधावियों को 242 पदक (73 स्वर्ण, 82 रजत और 87 कांस्य) दिए गए। पदक विजेताओं की सूची में भी बेटियों का दबदबा रहा, जहां 158 छात्राओं और 78 छात्रों को सम्मानित किया गया।

बच्चों की सफलता के पीछे माताओं का बड़ा त्याग: राज्यपाल

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भावुक और प्रेरक विचार साझा किए। उन्होंने कहा, “बच्चों की सफलता के पीछे माताओं का त्याग, समर्पण और अथक परिश्रम सबसे बड़ी शक्ति होती है। कई माताएं बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और बेहतर पालन-पोषण के लिए अपने करियर व व्यक्तिगत इच्छाओं तक की आहुति दे देती हैं।”
इसके साथ ही उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा और प्राचीन ग्रंथों की महत्ता पर जोर देते हुए विद्यार्थियों को अनुसंधान (शोध) की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। दीक्षांत समारोह के अलावा राज्यपाल ने परिसर में एचपीवी टीकाकरण (सर्वाइकल कैंसर से बचाव) कार्यक्रम और आंगनवाड़ी किट वितरण का भी जायजा लिया। विश्वविद्यालय ने सामाजिक सरोकारों के तहत गोद लिए गांवों की संख्या 5 से बढ़ाकर 11 करने की भी घोषणा की है।

2047 के विकसित भारत के निर्माता हैं युवा: उच्च शिक्षा मंत्री

विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने प्रयागराज को गंगा-यमुना-सरस्वती की पावन, ऐतिहासिक और पौराणिक धरती बताया, जहां जल्द ही महाकुंभ जैसे वैश्विक मेले का आयोजन होने जा रहा है। उन्होंने प्रोफेसर राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) के ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ के संकल्प को याद करते हुए युवाओं से देश की प्रगति में समर्पित होने का आह्वान किया। मंत्री उपाध्याय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को पूरा करने में युवाओं की सबसे बड़ी भूमिका होगी। उन्होंने यूपी के विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक स्तर को वैश्विक रैंकिंग में लाने के लिए राज्यपाल के मार्गदर्शन की भी सराहना की।

ज्ञान के साथ संस्कारों से समाज को रोशन करें: राज्य मंत्री रजनी तिवारी

उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को यहां से केवल डिग्री लेकर नहीं निकलना है, बल्कि ज्ञान, अध्यात्म, संस्कार और कौशल के समन्वय से समाज और अपने आस-पास के वातावरण को प्रकाशित करना है। उन्होंने महर्षि भारद्वाज की इस पावन भूमि के गौरवमयी इतिहास का जिक्र करते हुए युवाओं को जीवन की हर चुनौती को पार कर देश निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और बताया कि संस्थान ने प्रथम प्रयास में ही ‘नैक ए ग्रेड’ (NAAC A Grade) प्राप्त कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

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