यूपी में 1 जुलाई से ‘स्कूल चलो अभियान’ का दूसरा चरण शुरू, हर बच्चे को स्कूल पहुंचाना हम सबकी जिम्मेदारी: सीएम योगी

लखनऊ, 29 जून। उत्तर प्रदेश में शिक्षा से वंचित किसी भी बच्चे को विद्यालय तक पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार 1 जुलाई से ‘स्कूल चलो अभियान’ का दूसरा चरण शुरू करने जा रही है। यह अभियान 15 जुलाई तक चलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों, अभिभावकों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों से इस अभियान को जनआंदोलन बनाने की अपील करते हुए कहा कि हर बच्चे तक शिक्षा का प्रकाश पहुंचाना केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने सोमवार को जारी अपने संदेश में कहा कि प्रदेश का भविष्य तभी उज्ज्वल होगा जब प्रत्येक बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़ेगा। उन्होंने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य कक्षा एक से बारहवीं तक शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना, स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा में लाना तथा नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश अभियान को गति देना है।

15 जुलाई तक चलेगा विशेष नामांकन अभियान, कक्षा 1 से 12 तक शत-प्रतिशत प्रवेश और ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ने पर रहेगा फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं बल्कि व्यक्ति के सर्वांगीण विकास की आधारशिला है। विद्यालय वह स्थान है जहां बच्चों के ज्ञान, संस्कार, व्यक्तित्व और चरित्र का निर्माण होता है। उन्होंने भारतीय गुरुकुल परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि आज के आधुनिक विद्यालय उसी परंपरा का विकसित स्वरूप हैं, जहां विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ अनुशासन, नैतिक मूल्य, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना भी सिखाई जाती है।

उन्होंने कहा कि जब कोई बच्चा पहली बार विद्यालय की चौखट पार करता है तो केवल उसका जीवन ही नहीं बदलता, बल्कि पूरा परिवार, गांव और समाज विकास की नई दिशा में आगे बढ़ता है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि माध्यमिक विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए प्रोजेक्ट अलंकार संचालित किया जा रहा है। वहीं प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के कायाकल्प के लिए ऑपरेशन कायाकल्प, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए मिशन प्रेरणा, बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक दक्षता विकसित करने के लिए मिशन निपुण तथा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना प्रभावी ढंग से लागू की जा रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को भी समान महत्व दे रही है। इसी उद्देश्य से विद्यालयों में पौष्टिक एवं गर्म पका हुआ मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के साथ-साथ विद्यालयों में उनकी नियमित उपस्थिति भी सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे विद्यालयों को बच्चों के लिए आकर्षक, सुरक्षित और प्रेरणादायी वातावरण वाला बनाएं। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विज्ञान गतिविधियों और अन्य रचनात्मक आयोजनों के माध्यम से बच्चों की विद्यालय में रुचि बढ़ाई जाए ताकि उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हो सके।

अभिभावकों से अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे अपने बच्चों का मूल्यांकन केवल परीक्षा के अंकों के आधार पर न करें, बल्कि उनकी मेहनत, लगन, अनुशासन, रचनात्मकता और आत्मविश्वास को भी महत्व दें। उन्होंने तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को बाल वाटिका में प्रवेश दिलाने तथा उनकी नियमित विद्यालय उपस्थिति सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश के अंत में कहा कि ‘स्कूल चलो अभियान’ को केवल सरकारी कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व के रूप में देखा जाना चाहिए। यदि किसी मोहल्ले, गांव या आसपास का कोई बच्चा अभी तक विद्यालय नहीं पहुंच पाया है तो उसे स्कूल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी समाज के प्रत्येक नागरिक की है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहभागिता के माध्यम से यह अभियान प्रदेश में शत-प्रतिशत नामांकन के लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल होगा और प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाकर विकसित, शिक्षित और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की मजबूत नींव रखी जा सकेगी।

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