गोंडा, 29 जून। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोंडा स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक का नाम बदलने की घोषणा करते हुए इसे ‘सरदार वल्लभभाई पटेल राजकीय पॉलिटेक्निक, गोंडा’ नाम देने का ऐलान किया। दोपहर करीब एक बजे की गई इस घोषणा के साथ ही वर्ष 1965 में स्थापित इस तकनीकी शिक्षण संस्थान की नई पहचान तय हो गई। अब तक यह संस्थान ‘राजकीय पॉलिटेक्निक, गोंडा’ के नाम से जाना जाता था।
राजकीय पॉलिटेक्निक का नाम बदलने की मांग लंबे समय से स्थानीय लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा की जा रही थी। इस संबंध में मुख्यमंत्री को कई बार ज्ञापन और पत्र भेजे गए थे। अंततः सरकार ने इस मांग को स्वीकार करते हुए संस्थान का नाम भारत के प्रथम उपप्रधानमंत्री एवं लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर रखने का निर्णय लिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की घोषणा, 61 वर्ष पुराने संस्थान को मिला नया नाम; लंबे समय से उठ रही थी मांग
गोंडा-उतरौला मार्ग पर स्थित यह राजकीय पॉलिटेक्निक प्रदेश के पुराने तकनीकी शिक्षण संस्थानों में से एक है। इसकी स्थापना वर्ष 1965 में हुई थी और पिछले लगभग 61 वर्षों से यह अपने पुराने नाम से संचालित हो रहा था। अब नाम परिवर्तन के बाद संस्थान की नई पहचान सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम से जुड़ जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, गोंडा के प्रभारी मंत्री आशीष पटेल तथा गौरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक प्रभात कुमार वर्मा ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर संस्थान का नाम बदलने का प्रस्ताव रखा था। इसके बाद शासन स्तर पर इस संबंध में निर्णय लिया गया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नाम परिवर्तन के इस फैसले को सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कुछ जानकार इसे प्रदेश में पिछड़े वर्ग के मतदाताओं के बीच राजनीतिक संदेश देने की रणनीति के रूप में भी देख रहे हैं। हालांकि सरकार और भाजपा नेताओं ने इसे पूरी तरह जनभावनाओं और क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मांग के अनुरूप लिया गया निर्णय बताया है।
नाम परिवर्तन पर खुशी व्यक्त करते हुए प्रभारी मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि यह गोंडा के लोगों की वर्षों पुरानी मांग थी, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरा कर जिले को बड़ी सौगात दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय क्षेत्र के लोगों की भावनाओं का सम्मान है।
भाजपा विधायक प्रभात कुमार वर्मा ने भी मुख्यमंत्री के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय चेतना के प्रतीक रहे हैं। उनके नाम पर संस्थान का नामकरण होने से छात्रों को राष्ट्र निर्माण, नेतृत्व और सेवा की प्रेरणा मिलेगी तथा तकनीकी शिक्षा के प्रति उनमें नया उत्साह पैदा होगा।
सरकार के इस फैसले के बाद जिले में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर इसकी चर्चा शुरू हो गई है। समर्थकों ने इसे ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए स्वागत किया है, जबकि राजनीतिक हलकों में इसके सामाजिक और चुनावी प्रभावों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
