नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भारत ने कुख्यात तस्कर मोहम्मद सलीम डोला को तुर्की से प्रत्यर्पित कर लिया है। इस कार्रवाई पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की सराहना की है।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि यह कार्रवाई मोदी सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति का हिस्सा है, जिसके तहत ड्रग माफिया और अंतरराष्ट्रीय नार्को सिंडिकेट के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय एजेंसियां अब वैश्विक नेटवर्क के जरिए सीमाओं के पार भी प्रभावी कार्रवाई कर रही हैं और अपराधियों के लिए कहीं भी सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है।
मोहम्मद सलीम डोला, जिसे अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का बड़ा खिलाड़ी माना जाता है, को मंगलवार को दिल्ली लाया गया। उसे राजधानी के तकनीकी हवाई अड्डे पर उतारने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने हिरासत में ले लिया। बताया जाता है कि वह अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का करीबी रहा है और लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय था।
सूत्रों के अनुसार, सलीम डोला को तुर्की के इस्तांबुल में स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने गिरफ्तार किया था। उसकी गिरफ्तारी इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर हुई, जिसे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के अनुरोध पर जारी किया गया था।
सलीम डोला को विशेष विमान से भारत लाया गया है और फिलहाल दिल्ली में उससे पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां उससे अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के नेटवर्क और उससे जुड़े सहयोगियों के बारे में अहम जानकारी जुटाने में लगी हैं।
संभावना जताई जा रही है कि आगे की जांच के लिए उसे मुंबई स्थित एनसीबी के हवाले किया जा सकता है, जहां उसके खिलाफ दर्ज मामलों में गहराई से पूछताछ होगी। एजेंसियों का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी से अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
