हिमाचल में भूकंप के तेज झटके, शिमला समेत कई जिलों में दहशत, लोग घरों से बाहर निकले

शिमला, 5 जून। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में शुक्रवार रात लगभग 10 बजकर 4 मिनट पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.0 दर्ज की गई। झटकों के बाद लोगों में दहशत फैल गई और कई स्थानों पर लोग अपने घरों, होटलों और इमारतों से बाहर निकल आए।

मौसम विज्ञान केंद्र, शिमला के अनुसार भूकंप का केंद्र चंबा जिले में 32.289 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 76.434 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। भूकंप की गहराई मात्र 5 किलोमीटर दर्ज की गई, जिसके कारण इसके झटके अधिक तीव्रता से महसूस किए गए।

भूकंप का असर शिमला, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू तथा आसपास के कई क्षेत्रों में देखा गया। हालांकि देर रात तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली थी। प्रशासन ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी हुई है।

धर्मशाला में होटलों में ठहरे पर्यटक झटके महसूस होते ही घबराकर सड़कों पर निकल आए। वहीं चंबा जिले के होली क्षेत्र में एक मकान में लगी एलईडी टीवी सहित कुछ अन्य सामान दीवार से गिरकर क्षतिग्रस्त हो गया। भूकंप के बाद क्षेत्र के कुछ हिस्सों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई।

चंबा के उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि जिला मुख्यालय के अलावा होली, भरमौर और चुवाड़ी क्षेत्रों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। उन्होंने कहा कि फिलहाल कहीं से भी जान-माल के नुकसान की सूचना प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

गौरतलब है कि चंबा जिला भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल है और यहां पूर्व में भी कई बार भूकंप दर्ज किए जा चुके हैं। विशेषज्ञों के अनुसार हिमालयी क्षेत्र सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र में आता है, इसलिए यहां समय-समय पर भूकंप के झटके महसूस होते रहते हैं।

कैसे आता है भूकंप?

वैज्ञानिकों के अनुसार पृथ्वी मुख्य रूप से चार परतों—इनर कोर, आउटर कोर, मैन्टल और क्रस्ट—से बनी है। क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल को मिलाकर लिथोस्फीयर कहा जाता है। यह कई टेक्टोनिक प्लेटों में विभाजित होता है, जो लगातार गतिशील रहती हैं। जब इन प्लेटों के बीच दबाव बढ़ता है और अचानक ऊर्जा निकलती है, तब भूकंप उत्पन्न होता है।

भूकंप का केंद्र वह स्थान होता है जिसके ठीक नीचे पृथ्वी की प्लेटों में हलचल होती है। केंद्र के आसपास के क्षेत्रों में झटकों का प्रभाव सबसे अधिक महसूस किया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार कम गहराई वाले भूकंप अपेक्षाकृत अधिक तीव्रता से महसूस होते हैं, जैसा कि चंबा में आए इस भूकंप के दौरान देखा गया।

प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है।

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