नीट-एनटीए विवाद पर दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, श्वेत पत्र जारी करने की मांग

भोपाल, 5 जून। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) से जुड़े प्रश्नपत्र लीक प्रकरण को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।

शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में कहा कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद लाखों छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ा है और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों का व्यवस्था पर विश्वास बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार को स्पष्ट और तथ्यात्मक जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा 3 मई 2026 को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा को प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद 12 मई को रद्द कर दिया गया था। मामले की जांच वर्तमान में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो कर रही है और परीक्षा 21 जून को पुनः आयोजित की जानी प्रस्तावित है।

प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में दिग्विजय सिंह ने कहा कि वर्तमान में प्रश्नपत्र लीक से संबंधित मामलों में जांच एजेंसियों द्वारा की गई कार्रवाई का कोई समेकित सार्वजनिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। आधिकारिक जानकारी के अभाव में विभिन्न प्रकार की रिपोर्टें और अफवाहें सामने आ रही हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ रही है।

उन्होंने दावा किया कि उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि हजारीबाग में हुए नीट-यूजी 2024 प्रश्नपत्र लीक मामले का मुख्य आरोपी संजीव कुमार उर्फ मुखिया कथित रूप से जमानत पर बाहर है। साथ ही उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सीबीआई ने कथित तौर पर यूजीसी-नेट 2024 परीक्षा मामले में समापन रिपोर्ट दाखिल की है, जबकि परीक्षा को पहले अनियमितताओं के संदेह के आधार पर रद्द किया गया था।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि जब दिल्ली की एक अदालत ने सीबीआई से अपनी समापन रिपोर्ट के संबंध में लिखित स्पष्टीकरण मांगा, तो जांच एजेंसी ने अतिरिक्त समय की मांग की। उनके अनुसार, इससे छात्रों के बीच जांच प्रक्रिया को लेकर नकारात्मक संदेश गया है।

कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि पिछले आठ वर्षों में एनटीए द्वारा आयोजित परीक्षाओं में हुए प्रश्नपत्र लीक और अन्य अनियमितताओं का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को एक विस्तृत श्वेत पत्र जारी करना चाहिए, जिसमें प्रत्येक मामले में की गई जांच, गिरफ्तार आरोपियों, दाखिल आरोपपत्रों, समापन रिपोर्टों और वर्तमान कानूनी स्थिति की जानकारी शामिल हो।

उन्होंने सुझाव दिया कि श्वेत पत्र में यह भी बताया जाए कि किन मामलों में जांच पूरी हो चुकी है, किन मामलों में मुकदमा चल रहा है, कौन आरोपी जमानत पर हैं तथा किन मामलों में दोषसिद्धि हुई है। इससे छात्रों और अभिभावकों के बीच परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर विश्वास बहाल करने में मदद मिलेगी।

दिग्विजय सिंह ने आशा व्यक्त की कि केंद्र सरकार इस विषय की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र आवश्यक कदम उठाएगी और देश के विद्यार्थियों को पारदर्शी एवं तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराएगी।

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