जंतर-मंतर पर फिर हिंसा, पुलिस–प्रदर्शनकारियों में झड़प; पथराव में एसीपी समेत कई जवान घायल

दिल्ली के जंतर-मंतर पर बुधवार रात प्रदर्शन एक बार फिर हिंसक हो गया। पुलिस के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, जिसमें एसीपी समेत कई पुलिसकर्मी और आरएएफ जवान घायल हुए। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े। हिंसा में शामिल लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी और वीडियो फुटेज की जांच की जा रही है।

नई दिल्ली, 22 जुलाई 2026। जंतर-मंतर पर जारी छात्र प्रदर्शन बुधवार देर रात एक बार फिर हिंसक हो गया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई तीखी झड़प में एसीपी समेत करीब एक दर्जन पुलिसकर्मी और आरएएफ (रैपिड एक्शन फोर्स) के जवान घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और सीमित संख्या में आंसू गैस के गोले भी छोड़े।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, रात करीब 8:30 बजे टॉलस्टॉय मार्ग से संसद मार्ग के बीच कुछ प्रदर्शनकारी अचानक सुरक्षा घेरा तोड़कर आगे बढ़े और पुलिसकर्मियों पर पत्थर और बोतलों से हमला कर दिया। पुलिस का दावा है कि कुछ लोगों के हाथों में डंडे, तलवार और खुखरी भी थीं। पथराव में एसीपी कनॉट प्लेस, एसीपी विवेक भगत, दो इंस्पेक्टर सहित कई पुलिसकर्मी घायल हुए, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस का कहना है कि स्थिति बिगड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल और आरएएफ की टुकड़ियां मौके पर भेजी गईं। सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया और आंसू गैस के एक-दो गोले दागे। इसके बाद उपद्रवी मौके से भाग निकले और इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए।

दिनभर जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की संख्या लगातार बढ़ती रही। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे। दोपहर के समय कुछ प्रदर्शनकारी पेड़ों पर चढ़कर झंडे लहराते भी दिखाई दिए। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं पर जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि हिंसा के दौरान भीड़ में कुछ बाहरी असामाजिक तत्व भी शामिल थे, जिन्होंने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर रही है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच, प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान करते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और आंदोलनकारियों की मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा। वहीं, सोनम वांगचुक के समर्थन में चल रहे आंदोलन को भी जारी रखने की बात कही गई है।

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