अयोध्या/नई दिल्ली, 29 जुलाई 2026 (यूएनएस)। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के संयुक्त इस्तीफा पत्र से राम मंदिर चढ़ावा विवाद में एक नया तथ्य सामने आया है। इस्तीफा पत्र में दोनों पदाधिकारियों ने स्वीकार किया है कि चढ़ावा चोरी की घटना के बाद संबंधित लोगों और उनके परिजनों ने कुल 81 लाख रुपये ट्रस्ट को वापस लौटाए थे। यह पहली बार है जब ट्रस्ट के किसी आधिकारिक दस्तावेज में इस राशि की वापसी का स्पष्ट उल्लेख किया गया है।
पत्र के अनुसार, 8 जून से दानपात्र में प्राप्त धनराशि की गणना को लेकर मीडिया में लगातार खबरें प्रकाशित होने लगी थीं, जिससे श्रद्धालुओं के बीच भ्रम और असंतोष की स्थिति पैदा हो गई थी। दोनों पदाधिकारियों ने लिखा कि कुछ सार्वजनिक व्यक्तियों के बयानों से भी विवाद और बढ़ा।
4 जून की रात सामने आई चोरी की जानकारी
इस्तीफा पत्र के मुताबिक, 4 जून की रात दानपात्र से धनराशि चोरी किए जाने की जानकारी एक ट्रस्टी के संज्ञान में आई। इसके बाद 5 जून की सुबह सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की गई, जिसमें 5 से 6 युवकों की पहचान हुई। पत्र में कहा गया कि तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के बजाय पहले संबंधित युवकों से पूछताछ करने का निर्णय लिया गया।
दोनों पूर्व पदाधिकारियों ने दावा किया कि 5 जून की रात से 8 जून के बीच संबंधित युवकों और उनके परिजनों ने ट्रस्ट को ₹81 लाख वापस कर दिए। साथ ही उन्होंने लिखित रूप में चोरी स्वीकार करने वाले बयान भी दिए।
विवाद बढ़ने पर एसआईटी जांच की मांग
इस्तीफा पत्र में कहा गया है कि जब मामला सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया और मीडिया में लगातार खबरें आने लगीं, तब ट्रस्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया। इसके बाद राज्य सरकार ने 15 जून से एसआईटी जांच शुरू कराई, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके और सभी पक्षों के सम्मान की रक्षा हो।
‘जांच पूरी होने तक ट्रस्ट के कार्यों से अलग रहने’ का निर्णय
पत्र के अंतिम हिस्से में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा ने लिखा कि मामले की निष्पक्ष जांच और “नीर-क्षीर विवेक” होने तक वे स्वयं को ट्रस्ट के सभी दायित्वों से अलग रखना चाहते हैं। उन्होंने अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष से उनके त्यागपत्र को स्वीकार करने का अनुरोध किया।
सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट की 6 जुलाई को हुई बैठक में दोनों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए थे।
जांच जारी, कई पहलुओं की पड़ताल
राम मंदिर चढ़ावा विवाद की जांच फिलहाल एसआईटी कर रही है। जांच एजेंसी दानपात्र से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, कथित चोरी, धन की वापसी और ट्रस्ट की प्रारंभिक कार्रवाई सहित पूरे घटनाक्रम की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। इस बीच, इस्तीफा पत्र के सार्वजनिक होने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है।