यूपी में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को मिलेगी नई रफ्तार, ₹15.08 करोड़ के 8 निवेश प्रस्तावों को अप्रेजल समिति की मंजूरी

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य बोले- युवाओं और महिला उद्यमियों का बढ़ रहा रुझान, किसानों की आय बढ़ाने में मिलेगी मदद

लखनऊ, 28 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के विस्तार को लेकर सरकार की पहल रंग लाने लगी है। उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत ₹15.08 करोड़ के आठ नए निवेश प्रस्तावों को अप्रेजल समिति ने राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी के समक्ष भेजने की संस्तुति दी है। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, किसानों की आय में वृद्धि होगी और प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश बढ़ाने, कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन करने और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नीति-2023 का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। उन्होंने कहा कि निवेश प्रस्तावों के त्वरित एवं पारदर्शी निस्तारण से निवेशकों का विश्वास लगातार मजबूत हुआ है और उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में उभर रहा है।

उन्होंने कहा कि यह उत्साहजनक है कि प्रदेश के युवा पारंपरिक व्यवसायों से आगे बढ़कर आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। साथ ही महिला उद्यमियों की बढ़ती भागीदारी प्रदेश में उद्यमिता और महिला सशक्तिकरण का सकारात्मक संकेत है।

नमकीन से लेकर सोलर प्लांट तक के प्रस्ताव

डिप्टी सीएम के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बी.एल. मीणा की अध्यक्षता में गोमतीनगर स्थित रेशम निदेशालय में अप्रेजल समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्राप्त ₹15.08 करोड़ के आठ निवेश प्रस्तावों का तकनीकी एवं वित्तीय परीक्षण किया गया। परीक्षण के बाद सभी प्रस्तावों को आवश्यक शर्तों के साथ राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी के समक्ष भेजने की संस्तुति की गई।

इन प्रस्तावों में नमकीन, ब्रेड एवं रस्क, सोया आधारित उत्पाद, पास्ता, पोल्ट्री फीड जैसी खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना और विस्तार के अलावा ऑन-ग्रिड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट से जुड़ी परियोजनाएं भी शामिल हैं।

स्थानीय किसानों से खरीद पर जोर

बैठक में अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा ने निवेशकों से स्थानीय किसानों से अधिक से अधिक कच्चे माल की खरीद सुनिश्चित करने की अपेक्षा की, ताकि कृषि और उद्योग के बीच मजबूत समन्वय स्थापित हो सके। उन्होंने पर्यावरण, अग्नि सुरक्षा और अन्य वैधानिक स्वीकृतियों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए नीति के अनुरूप सभी तकनीकी और दस्तावेजी मानकों का पालन करने पर भी विशेष बल दिया गया।

समयबद्ध प्रक्रिया पर सरकार का जोर

बैठक में निवेशकों को निर्देश दिए गए कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर बैंक अप्रेजल, आयकर एवं जीएसटी रिटर्न सहित सभी आवश्यक दस्तावेज विभाग को उपलब्ध कराएं, ताकि प्रस्तावों का अगली स्तर पर समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने विश्वास जताया कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के प्रभावी क्रियान्वयन से उत्तर प्रदेश निवेश, औद्योगिक विकास, कृषि मूल्य संवर्धन और रोजगार सृजन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा तथा देश के अग्रणी खाद्य प्रसंस्करण राज्यों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा।

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