लखनऊ, 28 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश के बुनकरों के हितों की रक्षा और हथकरघा एवं पावरलूम उद्योग को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को लखनऊ स्थित खादी भवन में खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान की अध्यक्षता में प्रदेशभर के बुनकर प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में अटल बिहारी वाजपेयी पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना में व्यापक सुधारों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क तथा पंजीयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल और अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी भी मौजूद रहे। विभिन्न जनपदों से आए बुनकर प्रतिनिधियों ने बिजली दरों, फ्लैट रेट योजना, बिलों में विसंगतियों, सब्सिडी, लोड वृद्धि, नए कनेक्शन और पुराने बकाया से जुड़ी समस्याओं को सरकार के समक्ष रखा।

20 किलोवॉट तक बढ़ सकता है योजना का दायरा
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव मौजूदा 0 से 5 किलोवॉट की विद्युत फ्लैट रेट योजना का दायरा बढ़ाकर 0 से 20 किलोवॉट तक करने पर विचार किया गया। सरकार ने स्पष्ट किया कि 0 से 5 किलोवॉट श्रेणी के बुनकरों को मिलने वाली वर्तमान सुविधाओं में किसी प्रकार की कटौती नहीं होगी। प्रस्ताव लागू होने पर 5 से 20 किलोवॉट क्षमता वाले हजारों पावरलूम बुनकर भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।
सरकार पर बढ़ेगा वित्तीय भार
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 95 हजार विद्युत कनेक्शन 0 से 5 किलोवॉट श्रेणी में हैं, जो कुल पावरलूम कनेक्शनों का लगभग 94 प्रतिशत हैं। इन बुनकरों को योजना का लाभ देने के लिए सरकार प्रतिवर्ष करीब 600 करोड़ रुपये खर्च करती है। यदि योजना का विस्तार 20 किलोवॉट तक किया जाता है तो सरकार पर लगभग 189 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय भार आएगा, जिससे कुल खर्च बढ़कर करीब 789 करोड़ रुपये हो जाएगा।
पुराने बिजली बिल और ओटीएस योजना पर भी चर्चा
बैठक में वर्ष 2006 की नीति के तहत लंबित बकाया बिलों, सब्सिडी समायोजन, विलंब शुल्क और ब्याज की समस्याओं पर भी गंभीर चर्चा हुई। बुनकर प्रतिनिधियों ने बताया कि कई मामलों में सरकारी सब्सिडी मिलने के बावजूद बिजली बिलों में भारी बकाया दिखाया जा रहा है।
सरकार ने अप्रैल 2023 से पहले की अवधि के बकाया मामलों के समाधान, ब्याज और विलंब शुल्क में राहत देने तथा किस्तों में भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराने पर विचार किया। साथ ही वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना लागू करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई।
अगस्त में चलेगा विशेष समाधान अभियान
बैठक में यह भी प्रस्ताव रखा गया कि अगस्त माह में विशेष अभियान चलाकर जनपद स्तर पर बुनकरों के बिजली बिलों की जांच और समाधान किया जाए। इस अभियान के दौरान बुनकर अपने बिजली बिल लेकर संबंधित विद्युत विभाग कार्यालय पहुंचेंगे, जहां बिलों की जांच कर आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। लंबे समय से बंद या मृत कनेक्शनों से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की जाएगी।
बुनकर हित सर्वोपरि : राकेश सचान
मंत्री राकेश सचान ने कहा कि योगी सरकार बुनकरों के आर्थिक सशक्तीकरण और उनके हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि विद्युत फ्लैट रेट योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र बुनकरों तक पहुंचे और छोटे बुनकरों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बुनकरों से प्राप्त सुझावों, विद्युत विभाग के आंकड़ों और योजना के वित्तीय पहलुओं का समग्र परीक्षण कर व्यावहारिक एवं बुनकर हितैषी निर्णय लिया जाए। साथ ही बिजली बिलों की विसंगतियों, पुराने बकाया, सब्सिडी समायोजन, लोड वृद्धि और कनेक्शन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव अनिल कुमार सागर, विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए बुनकर प्रतिनिधि उपस्थित रहे।