मुजफ्फरनगर, 29 जुलाई 2026। सावन माह की शुरुआत 30 जुलाई से होने के साथ ही उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में कांवड़ यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और धार्मिक आस्थाओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने कांवड़ मार्ग पर स्थित होटलों और ढाबों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।
जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल के निर्देश पर कांवड़ मार्ग पर स्थित सभी होटलों और ढाबों में मांसाहारी भोजन बनाने और परोसने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके साथ ही इन प्रतिष्ठानों को भोजन तैयार करने में प्याज और लहसुन का उपयोग नहीं करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
हर साल लागू होती है व्यवस्था
प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान यह व्यवस्था हर वर्ष लागू की जाती है। इस बार भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने यात्रा मार्ग पर होटलों, ढाबों और खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण अभियान शुरू कर दिया है, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और शुद्ध भोजन उपलब्ध कराया जा सके।
सहायक आयुक्त (खाद्य) अर्चना धीरन ने बताया कि विभाग की छह विशेष टीमें खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच कर रही हैं। नए होटल और ढाबा संचालकों को भी इन नियमों की जानकारी देकर उनका पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है।
खाद्य सुरक्षा पर विशेष निगरानी
प्रशासन ने होटल और ढाबा संचालकों को अपने प्रतिष्ठान पर खाद्य लाइसेंस, मालिक का विवरण और फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप का क्यूआर कोड प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं। भोजन बनाने वाले कर्मचारियों के लिए दस्ताने पहनना अनिवार्य किया गया है, जबकि खाद्य पदार्थों में कृत्रिम रंग (आर्टिफिशियल कलर) के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है।
महिला सुरक्षा और आवश्यक वस्तुओं पर भी फोकस
कांवड़ यात्रा के दौरान महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सादे कपड़ों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यात्रा के दौरान डीजल, पेट्रोल और खाद्य सामग्री की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। प्रतिबंधित पॉलीथिन के उपयोग पर भी सख्ती से रोक रहेगी।
इसके अलावा, श्रद्धालुओं से अधिक कीमत वसूलने की शिकायतों को रोकने के लिए प्रशासन ने 21 आवश्यक वस्तुओं की मानक दरें निर्धारित की हैं और बाजारों में नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रशासन का कहना है कि इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाना है। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रा अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।