E20 पेट्रोल पर केंद्र से टकराव तेज, केजरीवाल बोले- ‘शांति से वापस लें, नहीं तो जनता करवा लेगी’

नीट पेपर लीक आंदोलन के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अब E20 (20% इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ऑटोमोबाइल कंपनियों पर दबाव डाल रही है और यदि E20 नीति वापस नहीं ली गई तो जनता आंदोलन करेगी।

नई दिल्ली, 29 जुलाई 2026। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने E20 (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार 2023 से पहले बनी गाड़ियों में E20 लागू करने के लिए ऑटोमोबाइल कंपनियों पर दबाव बना रही है और कंपनियां इसी वजह से लिखित जवाब देने से बच रही हैं।

E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार पर केजरीवाल का हमला, बोले- कंपनियों को धमकाया जा रहा

बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने 29 ऑटोमोबाइल कंपनियों से पूछा था कि क्या 2023 से पहले निर्मित वाहनों में E20 पेट्रोल का उपयोग पूरी तरह सुरक्षित है। साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि यदि E20 के इस्तेमाल से वाहन खराब होते हैं या माइलेज कम होता है तो उसकी जिम्मेदारी कंपनियां लेंगी या नहीं। उनके मुताबिक किसी भी कंपनी ने लिखित जवाब नहीं दिया।

केजरीवाल ने दावा किया कि नौ कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने फोन पर बातचीत में स्वीकार किया कि E20 के इस्तेमाल से पुराने वाहनों में तकनीकी समस्याएं आ सकती हैं और माइलेज भी प्रभावित हो सकता है, लेकिन सरकारी दबाव के कारण वे सार्वजनिक रूप से कुछ भी लिखित में कहने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनियों को कार्रवाई और एजेंसियों की जांच का डर दिखाया जा रहा है।

’30 करोड़ पुराने वाहन प्रभावित होंगे’

आप प्रमुख ने कहा कि देश में लगभग 30 करोड़ वाहन ऐसे हैं जो वर्ष 2023 से पहले बने हैं। उनका आरोप है कि E20 नीति से इन वाहनों के मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और लाखों लोगों की गाड़ियां प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इथेनॉल महंगा है, माइलेज कम देता है और इससे किसानों को भी अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा, तो सरकार इस नीति को लागू करने पर इतनी जोर क्यों दे रही है।

टाउनहॉल कार्यक्रम रोकने का भी लगाया आरोप

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि E20 के विरोध में प्रस्तावित टाउनहॉल कार्यक्रम को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने संविधान क्लब पर दबाव बनाया। उन्होंने कहा कि क्लब प्रबंधन से बुकिंग रद्द करने को कहा गया और बाद में कार्यक्रम के लिए पुलिस अनुमति लेने का दबाव बनाया गया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय और स्थान पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा और इसके लिए अलग से अनुमति नहीं ली जाएगी।

‘जनता नहीं डरती, E20 वापस लेना पड़ेगा’

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केजरीवाल ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता पुलिस या सरकारी दबाव से डरने वाली नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से E20 नीति वापस लेने की अपील करते हुए कहा कि यदि सरकार ने इसे स्वेच्छा से वापस नहीं लिया तो जनता लोकतांत्रिक तरीके से इसे वापस करवाएगी।

केजरीवाल ने कहा, “प्रधानमंत्री जी, E20 को शांति से वापस ले लीजिए, नहीं तो जनता करवा लेगी। जनता आपकी पुलिस से डरती नहीं है।”

राजनीतिक बहस तेज होने के आसार

नीट पेपर लीक आंदोलन के बाद अब E20 नीति को लेकर आम आदमी पार्टी के हमलावर रुख से केंद्र और विपक्ष के बीच नई राजनीतिक बहस शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि केंद्र सरकार या संबंधित ऑटोमोबाइल कंपनियों की ओर से केजरीवाल के आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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