नई दिल्ली, 02 जून (यूएनएस)। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने संकेत दिया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 4 जून तक केरल में दस्तक दे सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान वायुमंडलीय परिस्थितियां मानसून की प्रगति के लिए अनुकूल बनी हुई हैं, जिससे अगले दो से तीन दिनों में इसके केरल पहुंचने की प्रबल संभावना है। हालांकि उत्तर भारत के लोगों को फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं और आने वाले दिनों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक मानसून केवल केरल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके साथ ही दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर, लक्षद्वीप, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों तथा बंगाल की खाड़ी के कई क्षेत्रों में भी इसके आगे बढ़ने की संभावना है। इससे दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
आईएमडी ने केरल के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। अलप्पुझा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, त्रिशूर और मलप्पुरम जिलों के लिए बुधवार और गुरुवार को ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इसके अलावा पत्तनमथिट्टा और कोझीकोड जिलों में भी गुरुवार को भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ स्थानों पर 11 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश हो सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव, बाढ़ जैसी स्थिति और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।
तमिलनाडु के नीलगिरी, कोयंबटूर, थेनी, तिरुपुर, डिंडीगुल, तेनकासी, तिरुनेलवेली, कन्याकुमारी, इरोड, नमक्कल, सलेम, धर्मपुरी, कृष्णागिरी, तिरुपत्तूर, वेल्लोर, तिरुवन्नामलाई, रानीपेट और मदुरै सहित कई जिलों में भी 7 जून तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं चेन्नई और उत्तर तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों में गर्मी और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।
मौसम विभाग ने बताया कि मानसून के आगे बढ़ने के लिए सभी आवश्यक परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इसके प्रभाव से आने वाले दिनों में देश के बड़े हिस्से में मौसम तेजी से बदल सकता है। हालांकि इस वर्ष मानसून के आगमन में सामान्य तिथि की तुलना में कुछ देरी हुई है। विभाग ने पहले 26 मई को मानसून केरल पहुंचने का अनुमान जताया था, जिसे बाद में संशोधित किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि अल नीनो जैसी परिस्थितियां मानसून की गतिविधियों को प्रभावित कर सकती हैं।
दूसरी ओर, उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर पड़ने के बाद तापमान फिर बढ़ने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में अगले दो से तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है। सोमवार को फर्रुखाबाद प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
हालांकि सोमवार को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं के कारण लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली थी। सुल्तानपुर में 14.8 मिमी, फतेहपुर में 7.3 मिमी, अमेठी में 6.6 मिमी, आजमगढ़ में 3.8 मिमी, हरदोई में 1.6 मिमी और झांसी में 1.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि यह राहत अस्थायी है और आने वाले दिनों में गर्मी का असर फिर बढ़ेगा।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। राजस्थान और गुजरात के कुछ क्षेत्रों में भी आंधी के साथ हल्की बारिश हो सकती है। वहीं पहाड़ी राज्यों में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रह सकता है। पूर्वोत्तर भारत के लिए 6 और 7 जून को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जहां कई स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका व्यक्त की गई है।
