लखनऊ, 21 जुलाई 2026 (यूएनएस)। प्रदेश के युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित कर रोजगार से जोड़ने की दिशा में योगी सरकार ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। मंगलवार को प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल की उपस्थिति में विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में उत्तर प्रदेश प्राविधिक शिक्षा विभाग और अडानी स्किल्स एंड एजुकेशन के बीच तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस साझेदारी का उद्देश्य प्रदेश के पॉलीटेक्निक संस्थानों को ‘इंडस्ट्री रेडी टैलेंट हब’ के रूप में विकसित करना है, ताकि विद्यार्थियों को उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण देकर सीधे रोजगार से जोड़ा जा सके। सरकार की योजना स्थानीय युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की है, जिससे पलायन पर रोक लगेगी और उद्योगों को भी प्रशिक्षित मानव संसाधन आसानी से मिल सकेगा।
एमओयू के तहत उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे। अडानी स्किल्स एंड एजुकेशन विभाग और शिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर व्यावहारिक एवं तकनीकी कौशल आधारित पाठ्यक्रम विकसित करेगा, जिन्हें विभागीय स्वीकृति के बाद अकादमिक क्रेडिट से जोड़ा जाएगा। प्रशिक्षण पूरा करने वाले विद्यार्थियों को संस्थान और अडानी स्किल्स की संयुक्त ब्रांडिंग वाला प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाएगा।
‘स्किल-टू-एम्प्लॉयमेंट’ मॉडल के तहत छात्रों को संबंधित उद्योगों की रोजगार आवश्यकताओं की जानकारी मिलेगी, जिससे वे प्रशिक्षण के तुरंत बाद रोजगार के लिए आवेदन कर सकेंगे। साथ ही ‘ट्रेन द ट्रेनर’ कार्यक्रम के माध्यम से प्राचार्यों और प्रशिक्षकों को आधुनिक तकनीकों और नेतृत्व कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। चयनित संस्थानों में आधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना और आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता में भी सहयोग किया जाएगा।
विद्यार्थियों को उद्योगों से जोड़ने के लिए मेंटरिंग, प्रोजेक्ट आधारित लर्निंग, ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग, अप्रेंटिसशिप, इंटर्नशिप और कार्यशालाओं का भी आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा ‘वर्क-स्टडी-डिप्लोमा’ कार्यक्रम के तहत छात्र पढ़ाई के साथ औद्योगिक इकाइयों में कार्य अनुभव प्राप्त करेंगे, उन्हें पारिश्रमिक मिलेगा और कोर्स पूरा होने पर डिप्लोमा प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाएगा।
इस अवसर पर प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि योगी सरकार युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा और कौशल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उद्योगों और शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत समन्वय से विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के बाद रोजगार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। राज्य सरकार निवेश और औद्योगिक विकास के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर विशेष जोर दे रही है।
उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के लिए करियर गाइडेंस, रिज्यूमे निर्माण, इंटरव्यू तैयारी, प्लेसमेंट सहायता, जॉब टॉक, रोजगार मेले और इंटरव्यू सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। वहीं अडानी समूह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ऊर्जा, निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, रक्षा एवं एयरोस्पेस, एयरपोर्ट, सड़क, लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक पार्क, डाटा सेंटर और सीमेंट जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में तकनीकी रूप से दक्ष मानव संसाधन की आवश्यकता होगी। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों की जरूरतों का ‘स्किल हीट मैप’ तैयार कर उसी के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
यह पहल प्रदेश में तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की जरूरतों से जोड़ने और युवाओं को रोजगारोन्मुख कौशल उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।