लखनऊ, 18 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गाजियाबाद और बुलंदशहर के दौरे के दौरान आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक मूल्यों को लेकर कई महत्वपूर्ण संदेश दिए। गाजियाबाद के ऐतिहासिक श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक एवं विशेष पूजन करने के बाद मुख्यमंत्री बुलंदशहर पहुंचे, जहां उन्होंने रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर में विद्यार्थियों को अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और परिश्रम का संदेश दिया।
गाजियाबाद स्थित श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मंदिर में मुख्यमंत्री ने भगवान शिव का विधि-विधान से जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और विशेष पूजन-अर्चन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, आरोग्य और लोककल्याण की कामना की। उन्होंने मंदिर परिसर में संत-महात्माओं का आशीर्वाद लिया तथा वेदपाठी बटुकों और संस्कृत के विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “संस्कृत केवल भाषा नहीं, बल्कि भारत की सनातन ज्ञानधारा की वाहिका है। हमारी सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक विरासत और वैदिक परंपरा का संरक्षण इसी के माध्यम से पीढ़ी-दर-पीढ़ी होता आया है।” उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा और वैदिक संस्कृति के संरक्षण को राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया।
इसके बाद बुलंदशहर में रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से आत्म अनुशासन और कठिन परिश्रम को जीवन का मूल मंत्र बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “इतिहास वही बनाते हैं, जो अनुशासन और निरंतर प्रयास के साथ आगे बढ़ते हैं। राष्ट्र प्रथम की भावना प्रत्येक छात्र के जीवन का लक्ष्य होना चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने अपने जापान दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि परमाणु हमले की विभीषिका झेलने के बावजूद जापान आत्म अनुशासन और मेहनत के बल पर विकसित राष्ट्र बना। उन्होंने कहा कि अनुशासन किसी भी समाज और देश की प्रगति का आधार होता है और भारत भी इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने सैनिकों के त्याग और समर्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की सीमाओं पर कठिन परिस्थितियों में तैनात जवानों की बदौलत देश सुरक्षित है। छात्रों को भी सैनिकों से राष्ट्रसेवा, अनुशासन और समर्पण की प्रेरणा लेनी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर में अब बेटियों को भी प्रवेश दिया जाएगा। साथ ही रज्जू भैया की माताजी के नाम पर छात्रावास का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि बुलंदशहर जैसे सैनिक परंपरा वाले जिले में सैनिक विद्यालय की स्थापना युवाओं में राष्ट्रभक्ति और अनुशासन की भावना को और मजबूत करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आध्यात्मिक चेतना, भारतीय संस्कृति, संस्कृत भाषा, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को साथ लेकर ही विकसित भारत का निर्माण संभव है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ संस्कार और राष्ट्रहित को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।