BREAKING

पुलिस हिरासत से रिहा हुए राहुल, प्रियंका और अखिलेश; बोले- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान दें इस्तीफा, छात्रों की मांगों पर हो चर्चा यूपी सरकार का बड़ा फैसला, सेवा में कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी की राह साफ पीएम आवास के बाहर कांग्रेस का अचानक धरना, राहुल गांधी-खड़गे समेत शीर्ष नेतृत्व हिरासत में; संसद से सड़क तक सियासी टकराव तेज योगी सरकार की नई पहल: प्राविधिक शिक्षा विभाग और अडानी स्किल्स के बीच एमओयू, पॉलीटेक्निक बनेंगे ‘इंडस्ट्री रेडी टैलेंट हब’ योगी सरकार का बड़ा कदम: युवाओं के रोजगार के लिए केंद्रीकृत प्लेसमेंट पोर्टल लॉन्च, छात्र-उद्योग एक मंच पर आएंगे

दिल्ली कूच पर किसानों को बॉर्डर पर रोका गया, पंजाब-हरियाणा सीमाओं पर सख्त नाकेबंदी; बोले- टकराव नहीं, सिर्फ संवाद चाहते हैं

भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में दिल्ली कूच के लिए निकले किसानों को शंभू, खनौरी, कुंडली और करनाल समेत कई सीमाओं पर पुलिस ने रोक दिया। दूसरी ओर, दिल्ली-नोएडा सीमा पर भी हाई अलर्ट जारी कर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। किसानों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण आंदोलन चाहते हैं और सरकार से बातचीत के लिए तैयार हैं।

पटियाला/नोएडा, 21 जुलाई। भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में मंगलवार को पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों से दिल्ली कूच के लिए निकले हजारों किसानों को पुलिस ने विभिन्न सीमाओं पर रोक दिया। शंभू, खनौरी, कुंडली और करनाल बॉर्डर पर भारी पुलिस बल, बहुस्तरीय बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। वहीं दिल्ली-नोएडा सीमा पर भी हाई अलर्ट घोषित कर चिल्ला बॉर्डर समेत प्रमुख प्रवेश मार्गों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

शंभू और खनौरी बॉर्डर पर किसानों को रोका गया

किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और किसान किसी भी बैरिकेड को तोड़ने की कोशिश नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य सरकार तक अपनी बात पहुंचाना है, न कि किसी तरह का टकराव करना।

पंधेर ने बताया कि ‘देश बचाओ मोर्चा’ के तहत पहले ही तय किया गया था कि किसान कानून-व्यवस्था का उल्लंघन नहीं करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार ने बैरिकेड लगाकर रास्ते बंद किए हैं, जबकि किसानों ने कोई मार्ग अवरुद्ध नहीं किया है।

उन्होंने कहा कि किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी समेत गिरफ्तार किसानों की तत्काल रिहाई उनकी पहली मांग है। साथ ही केंद्र सरकार से बातचीत शुरू करने और किसानों की चिंताओं पर गंभीरता से विचार करने की भी मांग की गई है।

‘हमें रोका क्यों जा रहा है?’

सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि उनकी अंबाला पुलिस अधीक्षक (एसपी) से बातचीत हुई, लेकिन अधिकारियों ने केवल इतना कहा कि उन्हें ऊपर से किसानों को आगे न बढ़ने देने के निर्देश मिले हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें रोकने का कोई सार्वजनिक आदेश या अधिसूचना नहीं दिखाई गई।

किसानों का दावा है कि दिल्ली के भीतर पहले से पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश और ओडिशा सहित कई राज्यों के हजारों किसान मौजूद हैं, जिनमें से कई को हिरासत में लिया गया है।

करनाल में भी रोके गए किसान

हरियाणा के करनाल में भी बस्ताड़ा टोल प्लाजा के पास दिल्ली की ओर बढ़ रहे किसानों को पुलिस ने रोक दिया। किसानों का आरोप है कि पहले ट्रैक्टरों को रोका गया और अब निजी वाहनों को भी दिल्ली जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इसके बाद कुछ किसानों ने पैदल दिल्ली की ओर जाने का निर्णय लिया।

किसान नेताओं का कहना है कि यदि भारत-अमेरिका ट्रेड डील लागू होती है तो विदेशी कृषि उत्पाद और बीज भारतीय बाजार में बड़ी संख्या में आएंगे, जिससे देश के किसानों, छोटे व्यापारियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

नोएडा-दिल्ली बॉर्डर पर हाई अलर्ट

किसानों के दिल्ली कूच और राजधानी में जारी प्रदर्शनों को देखते हुए नोएडा-दिल्ली सीमा, विशेषकर चिल्ला बॉर्डर, पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। नोएडा पुलिस ने कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तथा वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई है।

दिल्ली की ओर अर्धसैनिक बलों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। सीमा से गुजरने वाले वाहनों की सघन जांच की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जा रही है।

प्रशासन की अपील

पुलिस प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने, सुरक्षा जांच में सहयोग करने और यात्रा से पहले ट्रैफिक की जानकारी लेने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की हिंसा या अव्यवस्था फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वहीं किसान संगठनों ने दोहराया है कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा और यदि सरकार बातचीत के लिए आगे आती है तो वे पूरी गंभीरता के साथ संवाद में शामिल होने को तैयार हैं।

Share this newsWhatsAppFacebookX

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *