मथुरा, 02 जून (यूएनएस)। मथुरा के गोवर्धन क्षेत्र में ऑनलाइन धार्मिक प्रवचन और आध्यात्मिक कार्यक्रमों की आड़ में युवतियों को अपने जाल में फंसाकर उनका कथित यौन शोषण और ब्लैकमेल करने वाले एक कथित साधु को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से दो युवतियों और एक बालक को भी सुरक्षित मुक्त कराया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और आशंका जता रही है कि इस गिरोह के और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अभिषेक मिश्रा गोवर्धन के राधाकुंड क्षेत्र में एक किराए के मकान में आश्रम संचालित कर रहा था। वह ऑनलाइन प्रवचन और धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों से संपर्क बनाता था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी मैकेनिकल इंजीनियर है और शिक्षित युवतियों को अपने प्रभाव में लेकर उनका कथित रूप से शोषण करता था।
मामले का खुलासा तब हुआ जब एक युवती की बहन ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार को लिखित शिकायत दी। शिकायत के अनुसार, छत्तीसगढ़ के कोरबा की रहने वाली बीएससी नर्सिंग की छात्रा 15 मई को मथुरा आई थी। परिवार का आरोप है कि युवती का संपर्क भजन-कीर्तन मंडली के माध्यम से आरोपी से हुआ था। आरोपी ने स्वयं को आश्रम संचालक और साधु बताकर विश्वास हासिल किया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने युवती को प्रसाद बताकर दूध पिलाया, जिसके बाद वह बेहोश हो गई। इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया गया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। आरोप है कि आरोपी ने वीडियो कॉल के माध्यम से पांच लाख रुपये की मांग भी की और पैसे न देने पर निजी तस्वीरें सार्वजनिक करने की धमकी दी।
पुलिस जांच में आरोपी के मोबाइल फोन से कई आपत्तिजनक फोटो और वीडियो मिलने की बात सामने आई है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है और संभावित अन्य पीड़ितों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी कथित रूप से युवतियों को नशीले पदार्थों का आदी बनाकर उन पर दबाव बनाता था। पुलिस द्वारा मुक्त कराई गई दो युवतियों और एक बालक में नशे की लत के संकेत मिलने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी मूल रूप से ओडिशा के खोरदा जिले का निवासी है। उसने वर्ष 2021 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री प्राप्त की थी। कुछ समय नौकरी करने के बाद उसने आध्यात्मिक जीवन का रास्ता अपनाने का दावा करते हुए धार्मिक प्रवचन शुरू कर दिए थे। जांच में यह भी पता चला है कि उसका संपर्क उच्च शिक्षित और नौकरीपेशा युवतियों तक था, जिन्हें वह ऑनलाइन माध्यम से प्रभावित करता था।
ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके संपर्कों की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस पूरे प्रकरण में अन्य लोगों की भी भूमिका है या नहीं। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
