लखनऊ, 20 मई 2026। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के चलते बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है। पिछले 15 दिनों में प्रदेश की अधिकतम बिजली मांग डेढ़ गुना बढ़कर 29 हजार मेगावाट से अधिक पहुंच गई है। वहीं बिजली की दैनिक खपत भी 355 मिलियन यूनिट से बढ़कर करीब 605 मिलियन यूनिट तक पहुंच चुकी है।
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यदि मई के अंतिम सप्ताह तक तापमान में और बढ़ोतरी होती है तो प्रदेशवासियों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ सकता है। देशभर में बढ़ती गर्मी के कारण बिजली की मांग में भारी इजाफा हुआ है, जिससे पावर एक्सचेंज में अतिरिक्त बिजली की उपलब्धता भी प्रभावित हो रही है।
मांग बढ़ने पर मई-जून में बिजली कटौती की भी आशंका
जानकारी के मुताबिक, चार और पांच मई के आसपास बारिश होने से प्रदेश को कुछ राहत मिली थी। उस समय बिजली की अधिकतम मांग घटकर 20,260 मेगावाट और न्यूनतम मांग 10,571 मेगावाट तक रह गई थी। इसी दौरान बिजली की खपत भी घटकर 355 मिलियन यूनिट पर आ गई थी।
हालांकि, पिछले दो सप्ताह में लगातार तापमान बढ़ने के कारण बिजली की मांग में भारी उछाल दर्ज किया गया है। वर्तमान में अधिकतम मांग 29,330 मेगावाट तक पहुंच रही है। स्थिति यह है कि सुबह सात बजे भी बिजली की मांग 20 हजार मेगावाट से नीचे नहीं आ रही। विभागीय अधिकारियों का अनुमान है कि यदि गर्मी का यही असर बना रहा तो मई के अंत तक बिजली की मांग 30 से 31 हजार मेगावाट तक पहुंच सकती है।
रात-दिन गर्मी से राहत न मिलने के कारण घरेलू और व्यावसायिक उपयोग बढ़ा है, जिससे बिजली की खपत में भी लगभग 59 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने दावा किया है कि मई से लेकर जून-जुलाई तक की संभावित मांग को देखते हुए पहले से पर्याप्त बिजली व्यवस्था की गई है। हालांकि हाल में आए आंधी-तूफान के कारण कई जगहों पर पारेषण लाइनें और बिजली पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई है।
ऊर्जा विभाग के मुताबिक, यदि बिजली की मांग और बढ़ती है तथा पावर एक्सचेंज से अतिरिक्त बिजली नहीं मिलती, तो शाम और रात के समय सीमित बिजली कटौती करनी पड़ सकती है। हालांकि विभाग का कहना है कि जितने घंटे रात में कटौती होगी, उसकी भरपाई दिन में करने की कोशिश की जाएगी।
आशीष कुमार गोयल ने कहा कि अनुमानित मांग के अनुसार पहले से पर्याप्त बिजली की व्यवस्था की गई है, ताकि प्रदेशवासियों को तय शेड्यूल के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
