लखनऊ | 23 जुलाई, 2026: जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले नकली दवा कारोबारियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने बड़ी अंतरराज्यीय कार्रवाई करते हुए उत्तराखंड के देहरादून में संचालित अवैध नकली दवा निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। संयुक्त अभियान में करीब एक करोड़ रुपये मूल्य की नकली दवाएं, पैकिंग सामग्री, प्रिंटेड फॉयल, मशीनरी और अन्य उपकरण जब्त किए गए हैं। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
एफएसडीए मुख्यालय द्वारा गठित विशेष टीम ने गाजियाबाद क्राइम ब्रांच तथा उत्तराखंड औषधि प्रशासन के सहयोग से यह कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि देहरादून में तैयार की जा रही नकली दवाओं की सप्लाई उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में की जा रही थी।
लखनऊ की कार्रवाई से खुला नेटवर्क
जांच की शुरुआत 19 जुलाई को लखनऊ के अमीनाबाद थाने में दर्ज नकली दवा मामले से हुई थी, जहां 43 प्रकार की नकली दवाएं बरामद हुई थीं। जांच के दौरान मुख्य आरोपी राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा तक पहुंच मिली, जिसे गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया। उसके मोबाइल की डिजिटल जांच में व्हाट्सएप पर प्रसिद्ध दवा कंपनियों के नकली पैकेजिंग डिजाइन, फॉयल और मशीनों से जुड़ी तस्वीरें मिलीं, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।
देहरादून फैक्ट्री से भारी मात्रा में बरामदगी
आरोपी की निशानदेही पर देहरादून के देवीपुर न्यू हाईवे रोड, ईस्ट होपटाउन स्थित फैक्ट्री पर छापा मारा गया। यहां से ब्रांडेड कंपनियों की नकली एलोपैथिक दवाओं के तैयार और अर्धनिर्मित उत्पाद, प्रिंटेड एल्युमिनियम फॉयल, रैपर, मास्टर कार्टन, टैबलेट, कैप्सूल और अत्याधुनिक पैकिंग मशीनें बरामद की गईं।
छापे में स्ट्रिप पैकिंग मशीन, इंकजेट प्रिंटर, कंप्रेसर, हाई-वोल्टेज स्टेबलाइजर सहित कई औद्योगिक उपकरण भी जब्त किए गए। अधिकारियों के अनुसार मौके पर बिना वैध लाइसेंस के नकली दवाओं का उत्पादन किया जा रहा था।
दो गिरफ्तार, संगठित अपराध की धाराओं में मुकदमा
पुलिस ने फैक्ट्री संचालक नेटवर्क से जुड़े राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा और विनय चंद को गिरफ्तार किया है। वहीं गौरव त्यागी और विपिन भटनागर समेत अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की विभिन्न धाराओं के साथ संगठित अपराध की धारा के तहत थाना वसंत विहार (देहरादून) में प्राथमिकी दर्ज की गई है। उत्तराखंड औषधि प्रशासन ने मौके से पांच दवा नमूने जांच के लिए लिए हैं, जबकि शेष सामग्री को सील कर दिया गया है।
जीरो टॉलरेंस की नीति पर सरकार
एफएसडीए आयुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप नकली दवाओं के कारोबार के खिलाफ विभाग ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नकली दवाओं के निर्माण, भंडारण और सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क को चिन्हित कर जड़ से समाप्त किया जाएगा तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।