विपक्षी सांसदों के साथ गांधी स्मृति पहुंचे राहुल; बोले- हम छात्रों के साथ, शिक्षा मंत्री को हटाना ही होगा

नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन के मुद्दे पर राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन ने गांधी स्मृति तक मार्च निकाला। रास्ते में पुलिस ने काफिले को रोका, लेकिन बाद में अनुमति दे दी। गांधी स्मृति पहुंचकर राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक संसद नहीं चलने देने का ऐलान किया।

नई दिल्ली | 23 जुलाई 2026: नीट-यूजी पेपर लीक विवाद को लेकर राष्ट्रीय राजधानी में सियासी टकराव लगातार तेज होता जा रहा है। गुरुवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन के सांसदों ने गांधी स्मृति तक मार्च निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। गांधी स्मृति पहुंचने के बाद राहुल गांधी ने दो टूक कहा कि “जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक संसद नहीं चलने देंगे।”

इससे पहले राहुल गांधी के सरकारी आवास पर INDIA गठबंधन के प्रमुख नेताओं की रणनीतिक बैठक हुई, जिसमें संसद और सड़क दोनों जगह सरकार को घेरने की योजना पर चर्चा की गई। बैठक के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत विपक्षी सांसद एक बस में सवार होकर गांधी स्मृति के लिए रवाना हुए।

विपक्षी सांसदों के साथ गांधी स्मृति पहुंचे राहुल; बोले- हम छात्रों के साथ, शिक्षा मंत्री को हटाना ही होगा

रास्ते में रोका गया काफिला, पुलिस से हुई नोकझोंक

गांधी स्मृति जाते समय दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए विपक्षी नेताओं के काफिले को कुछ समय के लिए रोक दिया। इलाके में बैरिकेडिंग की गई थी, जिससे कुछ देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। हालांकि अधिकारियों से बातचीत के बाद पुलिस ने रास्ता खोल दिया और काफिले को आगे बढ़ने की अनुमति दे दी।

मोबाइल की टॉर्च जलाकर निकाला मार्च, बनाई ह्यूमन चेन

गांधी स्मृति पहुंचने के बाद राहुल गांधी और विपक्षी सांसदों ने अपने मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर मौन मार्च निकाला। नेताओं ने हाथों में संविधान की प्रतियां और विभिन्न संदेश लिखे पोस्टर लेकर मानव श्रृंखला (ह्यूमन चेन) भी बनाई। पूरे कार्यक्रम के दौरान छात्रों के समर्थन और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग से जुड़े नारे लगाए गए।

कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने कहा कि मोदी सरकार की घोषणाओं पर अब जनता का भरोसा नहीं रहा है और छात्रों को न्याय दिलाने तक विपक्ष का संघर्ष जारी रहेगा।

राहुल बोले— ‘छात्र अकेले नहीं हैं’

मार्च से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि INDIA गठबंधन के सांसद शांतिपूर्ण तरीके से गांधी स्मृति जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह यात्रा उन छात्रों की स्मृति को समर्पित है, जिन्होंने कथित पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं के बाद अपनी जान गंवाई, और उन छात्रों के समर्थन में है जो न्याय की मांग करते हुए घायल हुए हैं।

राहुल गांधी ने लिखा, “भारत के छात्र अकेले नहीं हैं। पूरा विपक्ष उनके साथ खड़ा है और उनकी आवाज संसद से लेकर सड़क तक बुलंद करेगा।”

विपक्ष की रणनीति: संसद से सड़क तक दबाव

राहुल गांधी के आवास पर हुई बैठक में कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), तृणमूल कांग्रेस, माकपा, आरएसपी सहित INDIA गठबंधन के कई दलों के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक में कथित पुलिस कार्रवाई, छात्र आंदोलन और संसद में सरकार को घेरने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, जयराम रमेश, के.सी. वेणुगोपाल, पी. चिदंबरम, प्रमोद तिवारी, राजद सांसद मीसा भारती और संजय यादव, तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा, माकपा सांसद जॉन ब्रिटास सहित कई विपक्षी नेता शामिल हुए।

छात्र आंदोलन बना राष्ट्रीय राजनीतिक मुद्दा

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। विपक्ष की मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच हो, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की जवाबदेही तय की जाए और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।

गौरतलब है कि इससे पहले राहुल गांधी प्रधानमंत्री आवास के बाहर भी विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं, जहां उन्हें प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के साथ हिरासत में लिया गया था। अब गांधी स्मृति मार्च के जरिए विपक्ष ने साफ संकेत दिया है कि छात्र आंदोलन और नीट विवाद को लेकर उसका संघर्ष आने वाले दिनों में और तेज होगा।

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