पीलीभीत दौरे पर मुख्यमंत्री योगी, 569 करोड़ की 66 विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात; विपक्ष के कई नेता नजरबंद

पीलीभीत, 29 जून। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को पीलीभीत के दौरे पर रहेंगे, जहां वह बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के पतरासा कुंवरपुर में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री जिले को 569.11 करोड़ रुपये की लागत वाली 66 विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। इनमें विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास शामिल है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है, जबकि संभावित विरोध को देखते हुए विपक्ष के कई नेताओं को नजरबंद किए जाने से राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है।

मुख्यमंत्री पूर्वाह्न 11:20 बजे हेलीकॉप्टर से बरखेड़ा पहुंचेंगे और 11:30 बजे जनसभा स्थल पर पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल होंगे। जनसभा में वह विभिन्न विभागों की विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। अधिकारियों के अनुसार इन परियोजनाओं की कुल लागत करीब 569.11 करोड़ रुपये है, जिनका उद्देश्य जिले में आधारभूत ढांचे को मजबूत करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री बंगाली समुदाय एवं पूर्वांचल से जुड़े लगभग 4,693 परिवारों को भूमि का मालिकाना हक प्रदान करेंगे। इसके अलावा नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत पात्र बंगाली समुदाय के 106 लोगों को भारतीय नागरिकता के प्रमाण पत्र भी सौंपेंगे। प्रशासन का कहना है कि इससे लंबे समय से भूमि और नागरिकता संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे लाभार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी।

बरखेड़ा में जनसभा के दौरान भूमि अधिकार पत्र और नागरिकता प्रमाण पत्र भी वितरित करेंगे मुख्यमंत्री, गन्ना भुगतान को लेकर विरोध की आशंका पर प्रशासन अलर्ट

मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। हेलीपैड से लेकर जनसभा स्थल तक सुरक्षा के कई घेरों का प्रबंध किया गया है और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है।

दूसरी ओर मुख्यमंत्री के दौरे से पहले विपक्ष के कई नेताओं को नजरबंद किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह ‘जग्गा’ सहित सपा के कई नेताओं को उनके आवास पर ही रोक दिया गया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के कुछ नेताओं को भी एहतियातन घरों में नजरबंद किए जाने की सूचना है।

प्रशासन का मानना है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। जिले में गन्ना किसानों के बकाया भुगतान का मुद्दा भी गरमाया हुआ है और कुछ किसान संगठन मुख्यमंत्री के सामने अपनी मांगें उठाने की तैयारी में थे। इसी को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है।

समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह ‘जग्गा’ ने प्रशासन की कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री के दौरे के नाम पर लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सोमवार सुबह चार बजे से ही पुलिस ने उन्हें उनके घर में नजरबंद कर दिया ताकि वे जनता की समस्याएं मुख्यमंत्री तक न पहुंचा सकें। उन्होंने इसे लोकतंत्र की आवाज दबाने का प्रयास बताते हुए कहा कि जनता के अधिकारों की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

उधर जिला प्रशासन का कहना है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

मुख्यमंत्री के इस दौरे को जिले के विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर जहां करोड़ों रुपये की परियोजनाओं की शुरुआत होगी, वहीं भूमि अधिकार और नागरिकता प्रमाण पत्र वितरण के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि विपक्षी नेताओं की नजरबंदी और किसानों के संभावित विरोध के कारण यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से भी खासा चर्चा में बना हुआ है।

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