लखनऊ, 27 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में किए जा रहे व्यापक सुधारों और नवाचारों का अध्ययन करने के लिए हरियाणा विधानसभा की उच्चस्तरीय शिक्षा समिति सोमवार को लखनऊ पहुंची। विधानसभा सभागार में आयोजित बैठकों में समिति ने उच्च शिक्षा, बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों से प्रदेश में लागू विभिन्न योजनाओं, डिजिटल गवर्नेंस और शैक्षिक सुधारों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
हरियाणा विधानसभा की शिक्षा समिति के चेयरपर्सन लक्ष्मण सिंह यादव के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने योगी सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों की सराहना करते हुए उन्हें अन्य राज्यों के लिए भी उपयोगी और अनुकरणीय बताया। बैठक में विशेष सचिव उच्च शिक्षा निधि श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा तथा महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 24 राज्य विश्वविद्यालय, 56 निजी विश्वविद्यालय, एक डीम्ड विश्वविद्यालय, एक मुक्त विश्वविद्यालय, 216 राजकीय महाविद्यालय, 330 सहायता प्राप्त महाविद्यालय तथा 7,526 स्ववित्तपोषित महाविद्यालय संचालित हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम, मल्टीपल एंट्री-एग्जिट सिस्टम और रोजगारपरक पाठ्यक्रम लागू किए गए हैं। वहीं ‘समर्थ’ पोर्टल, ई-ऑफिस और मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत किया गया है।
समिति को बताया गया कि बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा में ऑपरेशन कायाकल्प, मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय, प्रोजेक्ट अलंकार, स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, ड्रीम लैब, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, व्यावसायिक शिक्षा और शिक्षक प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रमों के जरिए शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार किया गया है। विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, डिजिटल शिक्षण संसाधनों का उपयोग और आधुनिक तकनीकों के समावेश पर विशेष बल दिया गया है।
बैठक में छात्र कल्याण योजनाओं का भी उल्लेख किया गया। मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना, स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत स्मार्टफोन एवं टैबलेट वितरण, मुख्यमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना, रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना तथा शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने वाली योजनाओं की जानकारी समिति के समक्ष प्रस्तुत की गई। अधिकारियों ने बताया कि शिक्षकों की भर्ती, कौशल विकास, डिजिटल शिक्षा और अनुसंधान को भी तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है।
हरियाणा विधानसभा की समिति ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल तकनीक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, शिक्षक क्षमता निर्माण, कौशल विकास और छात्र हितैषी योजनाओं के माध्यम से उल्लेखनीय प्रगति की है। समिति के सदस्यों ने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश का शिक्षा मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत साबित होगा